
डेस्क रिपोर्टर
News World Deskजिनेवा, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। डब्ल्यूएचओ ने बुधवार को बताया कि कोरोना वायरस का नया वेरिएंट ओमिक्रॉन दुनिया भर में तेजी से फैल रहा है। यह वायरस अब तक 24 देशों में फैल चुका है। 24 देशों में फैल फैलाव 1 सप्ताह में हुआ है। अब आशंका जताई जा रही कि अगले 1 सप्ताह में यह वैरिएंट दुनिया के ज्यादातर देशों में पहुंच जाएगा। इसके डर से अब तक 30 देश ट्रेवल बैन कर चुके हैं। इन देशों ने अपनी सीमाएं भी सील कर दी है। जिन देशों में ओमिक्रॉनम पहुंच चुका है वह है : ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, बोत्सवाना,।कनाडा, चेक गणराज्य, डेनमार्क, जर्मनी, हांगकांग, इजरायल, इटली, जापान, नीदरलैंड, नाइजीरिया, पुर्तगाल, रीयूनियन, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन, स्वीडन, स्वीटजरलैंड और ब्रिटेन।
बुधवार को दक्षिण कोरिया में भी 5 और सऊदी अरब में एक केस दर्ज किया गया। सऊदी अरब की सरकारी न्यू एजेंसी ने बुधवार को इसकी पुष्टि की। बताया जा रहा है कि जिस व्यक्ति में वायरस के लक्षण मिले हैं वह कुछ दिन पहले उत्तरी अफ्रीका से लौटा था। उसे कड़ी निगरानी में रखा गया है। वही डब्ल्यूएचओ का यह भी कहना है कि इस नए वेरिएंट के अब तक कई म्यूटेशन सामने आ चुके हैं। इस वजह से यह अधिक खतरनाक हो सकता है। संगठन की टेक्निकल हेड मारिया का भी कहना है कि इसका प्रसार जितना अधिक होगा उतनी ही अधिक से म्युटेट भी होगा।
डब्ल्यूएचओ ने ट्रेवल बैन को गलत बताया
दूसरी ओर डब्ल्यूएचओ का कहना है कि ट्रेवल बैन करने से समस्या को रोका नहीं जा सकता। इससे लोगों की खास तौर पर गरीब देशों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। लोग फिर से बेरोजगारी समेत दूसरे कई चीजों के जोखिम को सहने को मजबूर हो जाएंगे। इस फैसले से लोगों के ऊपर दबाव बढ़ जाएगा। पहले से ही वैश्विक अर्थव्यवस्था काफी दबाव का सामना कर रही है, उसका और भी नुकसान होगा। डब्ल्यूएचओ की वेबसाइट पर मौजूदा इंटरनेशनल ट्रैवल एडवाइस फॉर कोविड-19 ओमिक्रॉन वेरिएंट में कहा गया कि ट्रैवल बंद करने से विश्व की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा। बेहतर होगा कि विभिन्न देश ट्रेवल बैन करके इस वैरिएंट की रोकथाम के लिए दूसरे उपाय करें। वैरीअंट कि जिनोम सीक्वेंसिंग और अपडेट डाटा के जरिए भी इसको रोकने में मदद मिल सकती है।
भविष्य में कई और वेरिएंट का खतरा
डब्ल्यूएचओ ने एक और डराने वाला दावा किया है संस्था के चीफ डॉ. टेड्रोज गेब्रियस ने चेतावनी दी है कि वैक्सीनेशन और टेस्ट कम होने से भविष्य में कोरोना के कई अन्य वैरिएंट सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन की कमी से वायरस को फलने-फूलने का मौका मिल रहा है और वह विभिन्न वेरिएंट्स में अटैक कर रहा है। ओमिक्रॉन इसका जीता जागता उदाहरण है। उन्होंने दुनिया भर के देशों से अपील की है कि वह गरीब देशों की मदद करें और उन्हें वैक्सीन और अन्य जरूरी चीजें फौरन मुहैया कराएं।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

