
अमेरिका की तारीफों के पुल बांधने वाले पाकिस्तान को वाशिंगटन से ऐसा झटका मिला है, जिसकी शायद उसे उम्मीद भी नहीं थी। अमेरिका ने इमिग्रेंट वीजा पर प्रतिबंध लगाने वाले 75 देशों की सूची जारी कर दी है और इसमें पाकिस्तान का नाम भी शामिल है। 21 जनवरी 2026 से लागू होने वाले इस फैसले के बाद पाकिस्तान के नागरिकों के लिए अमेरिका में स्थायी बसने का रास्ता लगभग बंद हो जाएगा।
पाकिस्तान में मचा हड़कंप
अमेरिका के इस सख्त कदम के बाद इस्लामाबाद में बेचैनी साफ दिखाई दे रही है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि सरकार इस मामले में अमेरिकी अधिकारियों से संपर्क कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इमिग्रेंट वीजा की सामान्य प्रक्रिया फिर से शुरू हो सकेगी। हालांकि अमेरिका की ओर से फिलहाल कोई राहत का संकेत नहीं मिला है।
क्यों लगाया गया बैन?
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मुताबिक यह रोक उन देशों पर लगाई गई है, जिनके प्रवासी अमेरिकी कल्याणकारी योजनाओं का “अस्वीकार्य स्तर” पर दुरुपयोग कर रहे हैं। मंत्रालय ने साफ कहा कि जब तक यह सुनिश्चित नहीं हो जाता कि नए अप्रवासी अमेरिकी संसाधनों का गलत इस्तेमाल नहीं करेंगे, तब तक प्रतिबंध जारी रहेगा। बैन की अवधि को अनिश्चितकालीन रखा गया है।
75 देशों की सूची में बड़े नाम
इस सूची में पाकिस्तान के अलावा बांग्लादेश, नेपाल, सोमालिया, ईरान, इराक और रूस जैसे देश भी शामिल हैं। पिछले साल व्हाइट हाउस के पास एक अफगान नागरिक की गोलीबारी की घटना के बाद से अमेरिका की आव्रजन नीति और सख्त हो गई थी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तभी संकेत दे दिए थे कि तीसरी दुनिया के देशों से आने वाले प्रवासियों पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे।
पाकिस्तान पर क्या होगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और प्रवासी समुदाय पर गहरा असर पड़ेगा। हर साल बड़ी संख्या में पाकिस्तानी नागरिक अमेरिका में बसने का सपना देखते थे, लेकिन अब यह दरवाजा बंद होता नजर आ रहा है। इससे दोनों देशों के रिश्तों में भी नई खटास आने की आशंका जताई जा रही है।
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