
राजस्थान के गुलाबी बलुआ पत्थरों से निर्मित अबूधाबी के पहले हिंदू मंदिर का भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बुधवार को उद्घाटन करेंगे। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री दो दिवसीय दौरे पर यूएई आए हैं। यह मंदिर अपनी भव्यता से दुनियाभर के लोगों को आकर्षित कर रहा है। 27 एकड़ में बना 108 फुट ऊंचा यह मंदिर वास्तुशिल्प का चमत्कार माना जा रहा है। मंदिर प्रबंधन के मुताबिक मंदिर के दोनों किनारों पर गंगा और यमुना नदी का पवित्र जल बहता है, जो विशाल कंटेनरों में भारत से लाया गया था।
क्या है मंदिर की खूबी?
मंदिर का निर्माण कराने वाली बोचासनवासी श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) के अंतरराष्ट्रीय संबंधों के प्रमुख स्वामी ब्रह्मविहरिदास ने मंगलवार को बताया कि मंदिर के हर कोने में थोड़ा सा भारत है। यहां वाराणसी के घाटों की भी झलक मिलेगी। अबू धाबी में बना हिंदू मंदिर 108 फीट है। इसमें 40,000 क्यूबिक फीट संगमरमर, 1,80,000 क्यूबिक फीट बलुआ पत्थर, 18,00,000 ईंटों का इस्तेमाल किया गया है। मंदिर में 300 सेंसर लगाए गए हैं।
यूएई में कहां बनाया गया है हिंदू मंदिर?
मंदिर यूएई की राजधानी अबू धाबी में 'अल वाकबा' नाम की जगह पर बनाया गया है। यह धर्म स्थल 20,000 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। हाइवे से सटी अल वाकबा नामक जगह अबू धाबी से तकरीबन 30 मिनट की दूरी पर है। यूएई का पहला हिंदू मंदिर भले ही 2023 में बनकर तैयार हुआ, लेकिन इसकी कल्पना करीब ढाई दशक पहले 1997 में बीएपीएस संस्था के तत्कालीन प्रमुख स्वामी महाराज ने की थी।
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