
डेस्क रिपोर्टर
News World Deskकीव, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। रूस का यूक्रेन पर हमले का आज पांचवा दिन है। रूसी मीडिया ने दावा किया है की, रूस और यूक्रेन के बीच तेज होती जंग के बीच यूक्रेन की सरकार बेलारूस में शांति वार्ता के लिए तैयार हो गई है। खबर ये भी है कि यूक्रेन का एक प्रतिनिधिमंडल रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात करने के लिए बेलारूस के लिए रवाना हो गया है। वहीं हमले के चौथे दिन यूक्रेन ने दावा किया कि अब तक लड़ाई में लगभग 4300 रूसी सैनिक मारे गए हैं साथ ही 146 टैंक 27 विमान और 26 हेलीकॉप्टर को दबा कर दिया गया है।
किसी भी कीमत पर कब्जा करना चाहते है पुतिन
वहीं यूक्रेन में जिस तरह के हालात बन रहे है उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां युद्ध भयंकर रूप ले सकता है। रूस ने अपने परमाणु डेटरेंट फोर्स को अलर्ट रहने को कहा है। रूस के राष्ट्रपति पुतिन यूक्रेन पर किसी भी कीमत पर कब्जा करना चाहते हैं।
डिटेरेंस डिफेंस यूनिट है एटमी हथियारों से लैस
सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक पुतिन ने रूस की स्पेशल डिटेरेंस डिफेंस यूनिट को हाई अलर्ट पर रखने को कहा है। दुनिया के लिए फिक्र की बात यह है कि यह यूनिट एटमी हथियारों से लैस है। पुतिन ने ये आदेश डिफेंस मिनिस्टर सर्गोंई शोइगयु को टीवी मीटिंग में दिया है। उन्होंने कहा - पश्चिमी देश हमारे देश के बारे में बहुत आक्रमक बयान बाजी कर रहे हैं, डिटेरेंस यूनिट को हाई अलर्ट पर रखिए। शोइगयु ने कहा - यस सर उस पर जो पाबंदी लगाई जा रही है वह पूरी तरह गैरकानूनी है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति को बड़े खतरे का डर
पुतिन ने यह जरूर कहा है कि इस अलर्ट का मतलब यह नहीं है कि वी अपने परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करना चाहते हैं। उधर मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो, यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की को बड़े खतरे का डर सता रहा है। उन्होंने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन से कहा है कि यूक्रेन के लिए अगले 24 घंटे बेहद अहम हैं।
अमेरिका ने की निंदा
उधर अमेरिका ने राष्ट्रपति पुतिन के बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा, यह जबरन भड़काने वाली कार्रवाई है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है। अमेरिका में के यूएन में प्रतिनिधि ने कहा, पुतिन यूक्रेन के विवाद को बढ़ा रहे हैं और उनका यह रवैया कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
बता दें कि सेना को पमाणु हथियारों के लिए अलर्ट पर रहने का मतलब है कि इन हथियारों को काफी तेजी से लॉन्च किया जा सकता है। गौर करने वाली बात है कि रूस के पास सबसे ज्यादा परमाणु हथियार हैं, लेकिन नाटो का कहना है कि नाटो के पास भी इसे तबाह करने के लिए पर्याप्त हथियार हैं।
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