
डेस्क रिपोर्टर
News World Deskकीव, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। रूस द्वारा यूक्रेन पर सैन्य हमले का आज दूसरा दिन है। लड़ाई के पहले दिन 137 लोग मारे गए हैं। माना जा रहा है कि सैकड़ों लोग घायल भी हुए हैं। यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई के आदेश जारी होने के बाद, यूक्रेन में भारी तबाही मची हुई है। रूस यूक्रेन पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दाग रहा है। रूस की तरफ से हमलों की इंटेसिटी काफी बढ़ गई है। राजधानी कीव में सुबह से 7 बड़े धमाके सुने गए हैं। सभी लोग अपने घरों में दुबके हुए है।
यूक्रेन के सैनिकों को हथियार डालने की चेतावनी
इस बीच रूस ने एक बार फिर से यूक्रेन के सैनिकों को हथियार डालने की चेतावनी दी है। हालांकि, यूक्रेन ने आत्मसमर्पण से इंकार कर दिया है। इसके बाद रूस ने राजधानी कीव पर एयर स्ट्राइक कर दी है। कीव के रिहायशी इलाकों में लगातार छह धमाके हुए हैं।
96 घंटों में रूस कीव पर कर लेगा कब्जा
इस बीच अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने आशंका जताई है कि, अगले 96 घंटों में कीव पर रूस का कब्जा हो सकता है। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों की आशंका के बीच रूस की सेना कीव के और नजदीक पहुंच गई है। खबर आ रही है कि रूसी सैनिक कीव से महज 30 किलोमीटर दूर रह गए हैं। इस बीच यूक्रेन ने रूस पर साइबर अटैक कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, रूस की कई वेबसाइट ठप हो गई हैं।
यूक्रेन का दावा, 800 रूसी सैनिक मार गिराए
रूस की सेना यूक्रेन के शहर कोनोटोप को घेर लिया है, उसकी सेना अब राजधानी कीव की तरफ बढ़ रही है। वहीं यूक्रेन ने दावा किया है कि उसकी सेना ने रूस के 800 से ज्यादा सैनिकों को मार गिराया है, इसके साथ ही 30 रूसी टैंक, 6 हेलीकॉप्टर और 7 जासूसी एयरक्राफ्ट को भी तबाह कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस ने यूक्रेन पर कुल 203 हमले किए है, इनमें 160 मिसाइलों से और 83 लैंड बेस्ड टारगेट हिट किए। बताया जा रहा है कि में अब तक 137 मारे जा चुके है और 316 लोग हमले में घायल हुए है।
पूरी सेना से युद्ध में उतारने का ऐलान
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के पूरी सेना को युद्ध में उतारने का ऐलान किया है। इसके लिए यूक्रेन सरकार ने 18 से 60 साल के यूक्रेनी पुरुषों के देश छोड़ने पर रोक लगा दी है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि यूक्रेन ने अपने 10 हजार नागरिकों को मुकाबले के लिए राइफलें दी हैं।
चेर्नोबिल परमाणु संयंत्र पर रूस का कब्जा
रूस की सेना ने गुरुवार देर रात चेर्नोबिल परमाणु संयंत्र पर कब्जा कर लिया है। साल 1986 में चेर्नोबिल में परमाणु रिसाव की वजह से भयानक हादसा हुआ था। अब यह परमाणु कचरे का स्टोरेज सेंटर है। यहां टनो परमाणु कचरा रखा हुआ है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने पहले ही आशंका जताई थी कि रूस की सेना चेर्नोबिल परमाणु संयंत्र पर कब्जा कर सकती है। उन्होंने कहा था कि हमारे सैनिक अपनी जान पर खेलकर इस इलाके को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि यूक्रेन के सैनिक परमाणु प्लांट की रक्षा करने में नाकाम रहे। वहीं रूस ने कहा कि वह यूक्रेन जैसे गैर जिम्मेदार देश के पास ये प्लांट नहीं रहने देगा। गौरतलब है कि परमाणु संयंत्र पर रूम हमेशा से अपना दावा करता रहा है। उसका कहना है कि इसे बनाने में रूस ने अपने संसाधन खर्च किए थे और जिस चीज में उसके संसाधन खर्च हुए हो वह दूसरे देश के पास नहीं छोड़ सकता।
पोलैंड के रास्ते वापस लाया जाएगा भारतीयों को
यूक्रेन में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र भी फसें हुए है। पिछले कुछ दिनों में वहां से बड़ी संख्या में छात्रों को एयर लिफ्ट कर भारत लाने का काम जारी है। उधर गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस-यूक्रेन संकट की स्थिति की समीक्षा के लिए सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी की बैठक बुलाई। बैठक के बाद फॉरेन मिनिस्ट्री ने जानकारी देते हुए कहा कि सरकार यूक्रेन में फंसे भारतीयों को पोलैंड के रास्ते वापस निकालेगी। विभाग के सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने बताया कि पीएम ने बैठक में स्पष्ट तौर पर कहा है कि भारत सरकार की प्राथमिकता यूक्रेन में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उनको भारत वापस लाना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने की पुतिन से बात
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन संकट को लेकर उच्चस्तरीय कैबिनेट बैठक के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की। इसमें उन्होंने पुतिन से अपील की कि यूक्रेन संकट का हल बातचीत से निकाला जाए। प्रधानमंत्री ने यूक्रेन में भारतीय नागरिकों खास तौर पर वहां फंसे छात्रों की सुरक्षा के बारे में भारत की चिंताओं से रूसी राष्ट्रपति को अवगत कराया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि भारत उनके सुरक्षित वापसी को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। बातचीत में पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने सहमति जताई कि उनके अधिकारी और राजनैतिक दल आपसी हितों को लेकर एक दूसरे से नियमित संपर्क बनाए रखेंगे। पुतिन ने भी प्रधानमंत्री मोदी को यूक्रेन के संबंध में हाल के घटना क्रम के बारे में जानकारी दी।
पुतिन को भुगतना पड़ेगा परिणाम : जो बाइडेन
उधर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने रूस की यूक्रेन पर हमला करने की कड़ी निंदा कर्ज हुए कहा कि, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन हमलावर हैं। पुतिन ने इस युद्ध को चुना और अब पुतिन और उनका देश परिणाम भुगतेंगे। इतना ही नहीं VTB सहित 4 और रूसी बैंकों पर प्रतिबंध भी लगाने की बात कही है। साथ ही बाइडेन ने कहा कि दुनिया के अधिकतर देश रूस के खिलाफ हैं।
अमेरिका ने भी नए कदम उठाए
अमेरिका ने भी गुरुवार को ऐलान किया है कि वह यूरोप में 7000 एक्स्ट्रा फोर्सेस की तैनाती कर रहा है। अमेरिका रक्षा विभाग पेंटागन ने बताया- रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन ने नाटो सहयोगियों को भरोसा दिलाने के लिए जर्मनी में सैनिकों की तैनाती का आदेश दिया है।
नाटो ने रूस को पीछे हटने को कहा
यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि रूस को अपनी सैन्य कार्रवाई रोकते हुए फौरन यूक्रेन से हट जाना चाहिए। नाटो महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने यूक्रेन पर रूस की कार्रवाई को अकारण और अनुचित हमला करार दिया है। बेल्जियम के ब्रूसेस स्थित नाटो मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए स्टोलटेनबर्ग ने कहा हमारे पास अपने हवाई क्षेत्र की रक्षा करने वाले 100 से अधिक जेट और उत्तर में भूमध्य सागर तक समुद्र में 120 से अधिक जंगी जहाज का बेड़ा है। हम अपने सहयोगी को हमले से बचाने के लिए जो भी जरूरी होगा करेंगे। स्टोलटेनबर्ग ने कहा कि हम रूस से अपनी सैन्य कार्रवाई को तुरंत रोकने और यूक्रेन सहित उसके आसपास से अपने सभी बलों को वापस लेने को कहते हैं। आज हमने वॉशिंगटन संधि के अनुच्छेद 4 के तहत सलाह मशवरा किया है, इस दौरान सभी सही योगियों की रक्षा करने के लिए बचाव की योजना बनाई है।
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