
नई दिल्ली। भारत लगातार पाकिस्तान को उसकी हैसियत दिखाता आया है और इस बार भी ऐसा ही हुआ। मिस्र की राजधानी काहिरा में आयोजित गाजा शांति सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गैरमौजूदगी ने पाकिस्तान को एक बड़ा संदेश दे दिया।
इस समिट में शामिल थे:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर
इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी
स्पेन के पीएम पेड्रो सांचेज़
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो
यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस
लेकिन भारत की तरफ से शामिल हुए केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह, जबकि पीएम मोदी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी और आतंकवाद की निंदा न होने के कारण समिट से खुद को दूर रखा।
पाकिस्तान को ट्रंप ने दी नसीहत
समिट में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की तारीफ करते हुए कहा कि ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर करवाया और उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए। लेकिन जब ट्रंप ने बोलना शुरू किया, तो उन्होंने पाकिस्तान को नसीहत दी। ट्रंप ने पीएम मोदी की खुलकर तारीफ की और कहा: “भारत एक महान देश है, जिसके शीर्ष पर मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं। उन्होंने (पीएम मोदी) शानदार काम किया है।”
इसके बाद ट्रंप ने शहबाज शरीफ की ओर देखते हुए कहा: “मुझे लगता है कि भारत और पाकिस्तान बहुत अच्छे से साथ रहेंगे… है ना?” शहबाज शरीफ इस दौरान मुस्कुराए और सिर हिलाया।
भारत का क्लियर मैसेज
पीएम मोदी की गैरमौजूदगी और ट्रंप की तारीफ ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया कि पाकिस्तान के साथ बराबरी का मंच तब ही साझा किया जाएगा, जब वह आतंकवाद की खुलकर निंदा करेगा। भारत ने एक बार फिर दिखा दिया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसके निर्णय साफ और सटीक हैं, और वह किसी भी तरह के आतंकवाद समर्थक व्यवहार को नजरअंदाज नहीं करता।
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