कोलंबो, न्यूज वर्ल्ड डेस्क। श्रीलंका में हालात दिन पर दिन खराब होते जा रहे है। यहां आर्थिक संकट गहराने कि वजह से लोग आक्रोशित होकर सड़कों पर उतरने लगे है। 9 अप्रैल से चला आ रहा ये प्रर्दशन थमने का नाम नही ले रहा है। वहीं रविवार को प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के आवास को घेर लिया। इसके साथ ही राष्ट्रपति गोटबया राजपक्षे और प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे से इस्तीफे की मांग करना फिर शुरू कर दिया। 16 दिन से सरकार के विरोधी प्रदर्शन कर रहे है। इंटर यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स फेडरेशन के हजारों छात्रों ने विजेरमा मवाता में प्रधानमंत्री के आवास के बाहर जम कर नारेबाजी कि।
बतादें कि, 9 अप्रैल से श्रीलंका में हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर प्रर्दशन कर रहे हैं। फिलहाल देश अभी बुरे आर्थिक हालात से जूझ रहा हैं। वहीं सरकार के पास महत्वपूर्ण उत्पादों के आयात के लिए भी धन नहीं बचा है। यहां पर आवश्यक वस्तुओं के दाम काफी ऊंचे है। साथ ही यहां के लोग ईधन, दवाओं और बिजली की किल्लत झेल रहे है।
वहीं प्रदर्शनकारी लगातार राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे और प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के इस्तीफे की मांग कर रहे है। तो कुछ विरोधी प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री आवास की दीवारों पर ‘राजपक्षे, घर जाओ’ भी लिखा हैं। प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के द्वारा अंतरिम सरकार की मांग को खारिज कर दिया गया है जिसके एक दिन बाद, यानी रविवार को प्रदर्शनकारी ने और नाजुक मोड़ ले लिया।
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