
नासा की भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विल्मोर 286 दिन अंतरिक्ष में बिताने के बाद सुरक्षित धरती पर लौट आए। उनके साथ अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री निक हेग और रूसी अंतरिक्ष यात्री अलेक्सांद्र गोरबुनोव भी थे।
फ्लोरिडा के तट पर सकुशल लैंडिंग
स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन अंतरिक्ष यान ने मंगलवार सुबह 8:15 बजे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से उड़ान भरी थी और बुधवार तड़के 3:27 बजे फ्लोरिडा के तट पर सफलतापूर्वक पानी में लैंड किया। नासा ने इस ऐतिहासिक क्षण का वीडियो लाइव प्रसारित किया।
एक सप्ताह का मिशन, लेकिन 9 महीने अंतरिक्ष में फंसे
सुनीता और विलमोर को 5 जून 2024 को बोइंग के नए स्टारलाइनर कैप्सूल के जरिए ISS भेजा गया था। यह मिशन सिर्फ एक सप्ताह के लिए था, लेकिन अंतरिक्ष यान में हीलियम रिसाव और वेग की समस्या के कारण वे लगभग 9 महीने तक अंतरिक्ष में फंसे रहे। इस दौरान उनके सुरक्षित लौटने को लेकर लोगों में चिंता बनी रही।
भारत की बेटी ने बढ़ाया हौसला
दुनिया भर से लोग उनकी सुरक्षा के लिए प्रार्थनाएं कर रहे थे। लेकिन सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष से शानदार तस्वीरें और संदेश भेजकर लोगों का हौसला बनाए रखा। आखिरकार, 19 मार्च 2025 को वे अपने साथियों के साथ सकुशल धरती पर लौट आईं।
पीएम मोदी ने की सराहना
उनकी वापसी पर सोशल मीडिया पर उत्साह की लहर है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुनीता को "धैर्य और दृढ़ता की मूर्ति" बताते हुए उनकी सराहना की। स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी इस मिशन के लिए धन्यवाद दिया गया है।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

