
रूस और यूक्रेन के बीच जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार को जब सबको उम्मीद थी कि शांति वार्ता से हालात थोड़े शांत होंगे, तभी रूस ने ऐसा दावा कर दिया जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया। रूस के मुताबिक, यूक्रेन ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला करने की कोशिश की। हालांकि रूस का कहना है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने सभी ड्रोन मार गिराए और किसी तरह का नुकसान नहीं होने दिया गया। इस खबर ने न सिर्फ मॉस्को और कीव, बल्कि वॉशिंगटन तक हलचल मचा दी।
रूस का दावा – 91 ड्रोन किए गए थे इस्तेमाल
रूसी अधिकारियों के अनुसार, इस कथित हमले में कुल 91 ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था। इन ड्रोन का मकसद पुतिन के रिहायशी परिसर को निशाना बनाना बताया गया है। रूस का यह भी कहना है कि हमला बहुत ही सुनियोजित था, लेकिन आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम की वजह से सभी ड्रोन समय रहते मार गिराए गए।
रूस ने इसे यूक्रेन की तरफ से “खुली उकसावे की कार्रवाई” करार दिया है। रूसी मीडिया में यह भी चर्चा है कि यह हमला ऐसे वक्त हुआ जब दोनों देशों के बीच अमेरिका की मध्यस्थता से शांति समझौते पर बातचीत चल रही थी। ऐसे में रूस का दावा है कि यह पूरी कोशिश शांति वार्ता को पटरी से उतारने के लिए की गई।
यूक्रेन का पलटवार – ‘झूठ का एक और दौर’
रूस के आरोपों पर यूक्रेन ने भी तुरंत जवाब दिया है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह रूस की तरफ से फैलाया जा रहा “झूठ का एक और दौर” है। यूक्रेन का कहना है कि उसने पुतिन के आवास पर किसी भी तरह का ड्रोन हमला नहीं किया है। कीव की तरफ से यह भी कहा गया है कि रूस इस तरह के बयान देकर शांति वार्ता को कमजोर करना चाहता है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह कर रहा है। यूक्रेन का दावा है कि वह बातचीत के जरिए समाधान चाहता है, लेकिन रूस बार-बार माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है।
ट्रंप की एंट्री – फोन पर पुतिन से बात, जताई नाराजगी
इस पूरे मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एंट्री ने इसे और बड़ा बना दिया है। ट्रंप ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति पुतिन से फोन पर बात की है और इस कथित ड्रोन हमले की जानकारी ली है। बातचीत के बाद ट्रंप ने नाराजगी जाहिर की। ट्रंप ने कहा, “अगर यह घटना सच साबित होती है तो इससे तनाव और बढ़ेगा। युद्ध के दौरान हमले अलग बात हैं, लेकिन किसी नेता के घर को निशाना बनाना बिल्कुल गलत है।” ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने एक दिन पहले ही यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात की थी और वह बातचीत काफी सकारात्मक रही थी। हालांकि ट्रंप ने यह भी माना कि रूस का दावा गलत भी हो सकता है, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि इस तरह की घटनाएं शांति प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाती हैं।
जापोरिजिया और डोनबास को लेकर बढ़ी सैन्य हलचल
कथित ड्रोन हमले के बाद रूस ने यूक्रेन पर अपना दबाव और बढ़ा दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति पुतिन ने अपने सैन्य कमांडरों को निर्देश दिया है कि वे जापोरिजिया क्षेत्र पर पूरा नियंत्रण हासिल करने के अभियान को तेज करें। इसके साथ ही उन्होंने यूक्रेन से कहा है कि वह अपने सैनिकों को डोनबास इलाकों से हटा ले।
यानी एक तरफ जहां शांति की बात हो रही थी, वहीं दूसरी तरफ जमीन पर जंग और तेज करने के संकेत मिलने लगे हैं। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि इस नए विवाद से दोनों देशों के बीच अविश्वास और गहरा हो गया है।
शांति वार्ता पर मंडराता खतरा
रूस और यूक्रेन के बीच बीते कुछ हफ्तों से अमेरिका की पहल पर बातचीत चल रही थी। उम्मीद जताई जा रही थी कि किसी तरह का सीजफायर या सीमित समझौता हो सकता है। लेकिन पुतिन के आवास पर ड्रोन हमले के इस दावे ने माहौल पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
अब सवाल यह है कि क्या दोनों देश इस विवाद को बातचीत की मेज पर सुलझाएंगे या फिर यह जंग और खतरनाक मोड़ लेगी। दुनिया की नजरें इस वक्त मॉस्को, कीव और वॉशिंगटन – तीनों की चाल पर टिकी हैं।
आगे क्या?
फिलहाल स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। रूस के दावे, यूक्रेन के इनकार और ट्रंप की नाराजगी – तीनों मिलकर यह संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिन और भी मुश्किल हो सकते हैं। शांति समझौते की राह पहले ही कठिन थी, अब इस कथित ड्रोन हमले ने उस रास्ते पर नई रुकावट खड़ी कर दी है।
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