
“ओबामा गिरोह का मुखिया है, उसने देश से विश्वासघात किया है और उसे इसकी सजा मिलनी चाहिए!” – अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर सीधे-सीधे देशद्रोह का आरोप लगा दिया है। ट्रंप का दावा है कि ओबामा ने 2016 के चुनाव में उनके अभियान को कमजोर करने के लिए रूस से जुड़े झूठे आरोप लगवाए। अब ओबामा के प्रवक्ता ने इन बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
पूरा विवाद किस पर?
ट्रंप ने ओवल ऑफिस में मीडिया से कहा, “ओबामा ने चुनाव में गड़बड़ी की और पकड़े गए, इसके लिए उन्हें सख्त सजा मिलनी चाहिए। यह देश से विश्वासघात है।” उन्होंने डेमोक्रेट्स को एक गिरोह बताया और कहा, “इस गिरोह में ओबामा ही मुखिया है, जिसमें जो बाइडेन और हिलेरी क्लिंटन भी शामिल हैं।”
ओबामा के प्रवक्ता पैट्रिक रोडनबश ने पलटवार करते हुए कहा, “यह आरोप अपमानजनक और बेतुके हैं। राष्ट्रपति पद के सम्मान में हम झूठ का जवाब नहीं देते, लेकिन ये आरोप ध्यान भटकाने की कमजोर कोशिश हैं।”
एपस्टीन विवाद की आड़ में ट्रंप का हमला
जेफरी एपस्टीन केस को लेकर ट्रंप से जब सवाल किए गए, तो उन्होंने जवाब में ओबामा पर तीखे हमले कर डाले। ट्रंप ने कहा कि अगर वह 2024 में दोबारा चुने जाते हैं, तो एपस्टीन से जुड़ी क्लाइंट लिस्ट और दस्तावेज सार्वजनिक करेंगे। लेकिन अमेरिकी न्याय विभाग और FBI ने हाल ही में स्पष्ट किया, “ऐसी कोई लिस्ट नहीं है और भविष्य में कोई खुलासा जरूरी नहीं है।”
क्या है एपस्टीन केस?
जेफरी एपस्टीन: हाई-प्रोफाइल अमेरिकी फाइनेंसर, यौन अपराधों के आरोप में गिरफ्तार
मौत: अगस्त 2019 में जेल में मौत, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या बताया गया
राजनीतिक कनेक्शन: एपस्टीन के कई बड़े नेताओं, उद्योगपतियों और राजघरानों से संबंध थे
साजिश की अटकलें: कुछ लोग मानते हैं कि एपस्टीन के पास हाई-प्रोफाइल क्लाइंट्स की जानकारी थी
चुनावी रणनीति या सच्चाई की खोज?
विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप 2024 चुनावी माहौल में फिर से “डीप स्टेट” और “डेमोक्रेटिक साजिश” जैसे नैरेटिव को हवा दे रहे हैं।
ओबामा के खिलाफ इस तीखे हमले के पीछे एपस्टीन केस की गर्मी नहीं, बल्कि ट्रंप की राजनीतिक रणनीति अधिक नजर आती है।
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