
वॉशिंगटन। "टैरिफ की तलवार लटक चुकी है और ट्रंप ने वार करना शुरू कर दिया है!" जी हां, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं को हिला देने वाला कदम उठाया है। इस बार टारगेट पर है कॉपर, फार्मा, सेमीकंडक्टर और BRICS देश। ट्रंप ने साफ-साफ कह दिया है— “या तो ट्रेड डील करो, या भारी टैक्स झेलो।”
ट्रंप ने ऐलान किया है कि 1 अगस्त 2025 से कॉपर के आयात पर 50% और फार्मा उत्पादों पर 200% तक टैरिफ लगाया जाएगा। यही नहीं, ब्रिक्स देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, साउथ अफ्रीका, ईरान, इंडोनेशिया) पर 10% अतिरिक्त टैक्स लगाने की बात भी कह दी गई है।
किन देशों पर कितना टैरिफ?
ट्रंप प्रशासन ने 14 देशों को औपचारिक पत्र भेजते हुए हाई टैरिफ की चेतावनी दी है। इनमें जापान और साउथ कोरिया जैसे अमेरिका के पारंपरिक सहयोगी भी शामिल हैं, जिन पर 25% टैरिफ लगाया गया है। जापान से अमेरिका को ऑटो और इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट किए जाते हैं, जबकि साउथ कोरिया मशीनरी और व्हीकल्स भेजता है।
साउथ अफ्रीका पर 30% टैक्स लगाया गया है, जो प्लेटिनम और डायमंड जैसी कीमती वस्तुएं अमेरिका भेजता है। थाईलैंड पर 36% टैक्स लगेगा, जो रबर और जेम्स एक्सपोर्ट करता है। वहीं, बांग्लादेश पर 35% टैरिफ तय किया गया है, जिससे रेडीमेड गारमेंट्स उद्योग को बड़ा झटका लग सकता है।
म्यांमार और लाओस को 40% तक की मार झेलनी पड़ेगी, क्योंकि ये देश सीफूड, चमड़ा, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अमेरिका को भेजते हैं। कंबोडिया पर भी 36% टैक्स लगाया गया है जो टेक्सटाइल और साइकिल का बड़ा एक्सपोर्टर है।
सर्बिया को 35%, इंडोनेशिया को 32%, और मलेशिया को 25% टैक्स देना होगा। इन देशों से अमेरिका में IT सेवाएं, टायर्स, पाम ऑयल, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स आते हैं। वहीं, कजाकिस्तान, ट्यूनीशिया और बोस्निया जैसे देशों को भी 25-30% टैरिफ झेलना होगा, जो खनिज, केमिकल्स, स्टील और मेटल से जुड़ा कारोबार करते हैं।
इन भारी टैरिफ की मार से इन देशों की अर्थव्यवस्था और अमेरिका के साथ उनके व्यापार संबंधों पर गहरा असर पड़ सकता है।
भारत और चीन क्यों बचे?
ट्रंप ने खुद ही इस रहस्य से पर्दा उठाया। उन्होंने कहा—
"चीन के साथ ट्रेड डील फाइनल हो चुकी है, इसलिए उस पर अतिरिक्त टैरिफ नहीं। भारत के साथ भी बातचीत अंतिम दौर में है, इसलिए फिलहाल उसे टच नहीं किया गया।"
क्यों चिंता की बात है?
कॉपर और फार्मा पर इतने हाई टैरिफ से पूरी दुनिया में मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट बढ़ सकती है। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर हेल्थ सेक्टर तक पर असर होगा। BRICS देशों पर टैक्स लगाने से भारत पर भी अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है, खासतौर पर अगर डील फेल हो जाती है।
क्या कहते हैं देश?
➡️ जापान के पीएम ने टैरिफ को "अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण" कहा है।
➡️ साउथ अफ्रीका और थाईलैंड ने "दोनों पक्षों को लाभ पहुंचाने वाली डील" की उम्मीद जताई है।
➡️ बांग्लादेश ने तो "कपड़ा उद्योग के लिए ये झटका" बताया है।
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