
वॉशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार, 8 जुलाई 2025 को एक ऐसा फैसला सुनाया, जिससे दुनियाभर के बाजारों में खलबली मच गई। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर घोषणा की कि अमेरिका 14 देशों पर 25% से 40% तक के भारी-भरकम टैरिफ लगाएगा। यह फैसला 1 अगस्त 2025 से लागू होगा। ट्रंप का कहना है कि यह कदम अमेरिका पर वर्षों से थोपे गए व्यापार घाटे और अनुचित नीतियों को संतुलित करने के लिए आवश्यक है।
किन देशों पर कितना टैरिफ?
म्यांमार, लाओस : 40%
कंबोडिया, थाईलैंड : 36%
बांग्लादेश, सर्बिया : 35%
इंडोनेशिया : 32%
दक्षिण अफ्रीका, बोस्निया : 30%
जापान, मलेशिया, कजाखस्तान, साउथ कोरिया, ट्यूनिशिया : 25%
“ये राष्ट्रपति का विशेषाधिकार है” – कैरोलाइन लेविट
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने कहा, “यह राष्ट्रपति का विशेषाधिकार है। उन्होंने वही देश चुने जिन्हें वे अमेरिका के लिए उचित मानते हैं।” साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि ट्रंप प्रशासन अब अन्य साझेदार देशों के साथ भी नए व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के करीब है।
बदले में टैक्स बढ़ाओगे, तो हम दोगुना करेंगे
ट्रंप ने सीधा संदेश देते हुए लिखा, “अगर आपने किसी भी कारण से अपने टैरिफ बढ़ाए, तो जितना प्रतिशत आपने बढ़ाया होगा, हम उस पर उतना ही अतिरिक्त टैक्स और जोड़ देंगे।” यानी जवाबी कार्रवाई की किसी भी कोशिश पर अमेरिका दोहरी सख्ती दिखाने के लिए तैयार है।
क्यों जरूरी है यह फैसला?
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ये टैरिफ केवल अमेरिका की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए नहीं, बल्कि देश की राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी जरूरी हैं। उन्होंने कहा, “हम वर्षों से व्यापार घाटे और गैर-टैरिफ अड़चनों से जूझते आ रहे हैं। अब वक्त है अमेरिकी हितों को सर्वोपरि रखने का।”
वैश्विक व्यापार पर प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार, इन टैरिफ का असर सीधे तौर पर ग्लोबल सप्लाई चेन पर पड़ेगा। अमेरिका में इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, वाहन, स्टील और कंज्यूमर गुड्स महंगे हो सकते हैं। वहीं, एशिया और अफ्रीका के कई देशों की अर्थव्यवस्थाएं दबाव में आ जाएंगी। ट्रंप के इस कदम को संभावित "ग्लोबल ट्रेड वॉर" की शुरुआत माना जा रहा है।
और सख्ती के संकेत
व्हाइट हाउस के सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन आने वाले समय में और भी देशों पर ऐसे टैरिफ लगाने पर विचार कर रहा है। अमेरिकी किसानों और उद्योगों को राहत देने के लिए सब्सिडी पैकेज भी तैयार किया जा रहा है।
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