
वॉशिंगटन। सोमवार को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और यूरोप के बड़े नेताओं की अहम बैठक हुई। मीटिंग का सबसे बड़ा नतीजा यह रहा कि सीजफायर पर कोई सहमति नहीं बन सकी। ट्रम्प ने साफ कहा— "इतनी जल्दी सीजफायर संभव नहीं है।" हालांकि, उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि अमेरिका और यूरोप मिलकर यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी पर काम करेंगे।
बैठक के बीच एक और चौंकाने वाली घटना हुई। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प ने मीटिंग बीच में रोककर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से 40 मिनट फोन पर बातचीत की। क्रेमलिन ने बताया कि पुतिन ने रूस-यूक्रेन प्रतिनिधियों के बीच सीधे संवाद का समर्थन किया। वहीं, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने खुलासा किया कि पुतिन फोन पर बातचीत में 15 दिन के भीतर जेलेंस्की से मुलाकात को राजी हो गए।
यूक्रेन की सुरक्षा के बदले बड़ा सौदा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जेलेंस्की ने ऐलान किया कि यूक्रेन यूरोपीय पैसों से 90 अरब डॉलर (करीब 8 लाख करोड़ रुपए) के अमेरिकी हथियार खरीदेगा। उनका कहना था कि "अमेरिकी हथियार हमारी सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी हैं और किसी के पास अमेरिका जैसा हवाई रक्षा सिस्टम नहीं है।"
ट्रम्प-जेलेंस्की मीटिंग की 10 बड़ी बातें
ट्रम्प ने कहा:
"आज की बैठक का नतीजा चाहे जो भी हो, यूक्रेन के लिए अमेरिकी समर्थन बना रहेगा।"
"यूक्रेन भले ही नाटो का मेंबर नहीं बनेगा लेकिन अमेरिका, यूक्रेन को मजबूत सुरक्षा देगा।"
"यूक्रेन में शांति बनाए रखने के लिए अमेरिकी सैनिक भेजने पर विचार कर सकता हूं।"
"युद्ध जरूर खत्म होगा, लेकिन कब होगा, इसकी पूरी जानकारी अभी नहीं है।"
"रूस, यूक्रेन और अमेरिका की एक बैठक होगी और उसमें युद्ध खत्म होने की संभावना है।"
"जंग तब खत्म होगा, जब उसका समय आएगा।"
"जंग रोकने के बारे में बातचीत करने के लिए सीजफायर जरूरी नहीं है।"
जेलेंस्की ने कहा:
"जंग खत्म करने के लिए हम डिप्लोमैटिक रास्ता अपनाने को तैयार हैं, लेकिन जमीन की अदला-बदली मंजूर नहीं।"
"जंग खत्म होने के बाद ही राष्ट्रपति चुनाव संभव है, जंग जारी रहते हुए नहीं।"
"अमेरिका के हथियार यूक्रेन की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी हैं।"
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