
नई दिल्ली। अमेरिका और भारत के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव ने नया मोड़ ले लिया है। राष्ट्रपति ट्रंप के करीबी मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने भारत को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करे और अमेरिकी सामान पर टैरिफ घटाए, तभी व्यापार समझौते आगे बढ़ेंगे। उन्होंने यहां तक तंज कसा कि “अगर भारत की आबादी 1.4 अरब है, तो क्या यह मक्का नहीं खाती? भारत अमेरिका से मक्का क्यों नहीं खरीदता?”
अमेरिका का आरोप: “एकतरफा व्यापार”
लुटनिक का दावा: भारत सिर्फ अमेरिका को निर्यात करता है, लेकिन अमेरिकी वस्तुएं नहीं खरीदता।
अमेरिकी मंत्री का सवाल: “इतनी बड़ी आबादी के बावजूद भारत अमेरिकी मक्का क्यों नहीं खरीदता?”
चेतावनी: टैरिफ नहीं घटाने पर आर्थिक दबाव और व्यापार वार्ता में रुकावट होगी।
टैरिफ विवाद
ट्रंप प्रशासन ने भारतीय आयात पर 50% तक टैरिफ लगाया। इनमें से 25% टैरिफ रूस से तेल व्यापार के “दंड” के रूप में जोड़ा गया। अमेरिका का आरोप हैं की, भारत का टैरिफ नीति पर अड़ियल रुख दोतरफा व्यापार को नुकसान पहुंचा रहा है।
भारत का रुख
➡️ भारत ने रूस से तेल खरीद जारी रखने के फैसले को राष्ट्रीय हित और ऊर्जा सुरक्षा का हिस्सा बताया।
➡️ भारतीय अधिकारियों का कहना: “अनुचित दबाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा।”
➡️ भारत का जोर: स्वतंत्र विदेश नीति और सस्ती ऊर्जा आपूर्ति।
रूस ने की भारत की तारीफ
➡️ रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा: “भारत और रूस के संबंध समय की कसौटी पर खरे हैं।”
➡️ चेतावनी: “जो भी इन संबंधों को बिगाड़ने की कोशिश करेगा, उसे अंजाम भुगतना होगा।”
➡️ रूस ने भारत के दृढ़ रुख और तेल व्यापार में सहयोग की सराहना की।
क्या होगा असर
➡️ भारत पर अमेरिकी आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।
➡️ अमेरिकी बाजार पर निर्भर भारतीय झींगा, स्टील और टेक उद्योग को झटका लग सकता है।
➡️ रूस से तेल खरीद जारी रखने पर भारत-रूस साझेदारी और मजबूत होगी।
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