
अलास्का की बर्फीली वादियों में जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आमने-सामने आए, तो पूरी दुनिया की निगाहें इस समिट पर टिक गईं। लेकिन अब इस मुलाकात पर अमेरिका के ही पूर्व अफसरों ने बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि इस बैठक से फायदा सिर्फ और सिर्फ पुतिन को हुआ है, जबकि ट्रंप को हाथ कुछ खास नहीं लगा।
पूर्व अमेरिकी राजदूत डगलस ल्यूट बोले – “पुतिन का अलगाव खत्म”
अमेरिका के पूर्व राजदूत डगलस ल्यूट ने कहा – “इस मीटिंग में सीधे तौर पर जीत पुतिन की हुई है। उनका अंतरराष्ट्रीय अलगाव खत्म हो गया है। उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ बड़े मंच पर देखा गया। रेड कार्पेट, द बिस्ट कार की सवारी और गर्मजोशी से स्वागत—ये सब पुतिन के पक्ष में गया। इसके बदले ट्रंप को कुछ नहीं मिला। अमेरिका ने बहुत कम हासिल किया। हम शांति समझौते के करीब भी नहीं हैं, बल्कि पहले से और दूर हो सकते हैं।”
पूर्व NSA जॉन बोल्टन का बयान – “जीत का सेहरा पुतिन के सिर”
डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने भी ल्यूट की बात को दोहराया। उन्होंने कहा, “इस समिट में जीत का सेहरा पुतिन के सिर बंधा है। ट्रंप को इससे कुछ खास हासिल नहीं हुआ। पुतिन ने संबंधों को फिर से स्थापित किया, प्रतिबंधों से राहत पाई और सीजफायर टलवाया। यहां तक कि यूक्रेन को भी समिट से जुड़े फैसलों की कोई जानकारी नहीं दी गई। कुल मिलाकर पुतिन ने वही पाया, जो वह चाहते थे।”
पुतिन बोले – “यूक्रेन की स्थिति हमारी सुरक्षा के लिए खतरा”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुतिन ने कहा, “यूक्रेन की स्थिति मॉस्को की सुरक्षा के लिए बुनियादी खतरा है। समझौते को स्थायी बनाने के लिए संघर्ष के कारणों को खत्म करना जरूरी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए और रूस इस बात का समर्थन करता है। हम तैयार हैं, ताकि शांति का मार्ग प्रशस्त हो सके।”
B-2 स्टील्थ बॉम्बर ने खींचा ध्यान
अलास्का समिट के दौरान एक और नजारा देखने को मिला। अमेरिकी B-2 स्टील्थ बॉम्बर ने फाइटर जेट्स के साथ एंकरिज, अलास्का के आसमान में उड़ान भरी। यह उड़ान ठीक उसी वक्त हुई, जब दोनों नेता मुलाकात कर रहे थे। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

