
मध्य-पूर्व में जारी इजराइल-ईरान संघर्ष अब और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। जंग के सातवें दिन गुरुवार रात ईरान ने इजराइल की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन मिसाइलों में क्लस्टर बम लगाए गए थे, जिससे हमले का असर बड़े इलाके तक फैल सकता है। इजराइली सेना ने बताया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को रास्ते में ही नष्ट कर दिया, लेकिन खतरा अभी भी बना हुआ है।
क्लस्टर बम वाली मिसाइल कैसे करती है हमला?
इजराइल की सेना के अनुसार, क्लस्टर बम से लैस मिसाइल जमीन तक पहुंचने से पहले ही हवा में फट जाती है।
ऐसे फैलता है खतरा
एक मिसाइल से करीब 20 छोटे बम अलग-अलग दिशाओं में गिरते हैं
हर बम में लगभग 2.5 किलो विस्फोटक होता है
ये बम करीब 8 किलोमीटर के दायरे में फैल सकते हैं
ये छोटे बम जमीन से टकराते ही फटते हैं। भले ही इनका विस्फोट एक बड़ी बैलिस्टिक मिसाइल जितना शक्तिशाली न हो, लेकिन बड़े क्षेत्र में फैलने के कारण नागरिकों और बुनियादी ढांचे को भारी खतरा पैदा हो जाता है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान ने ऐसी कितनी मिसाइलें दागीं, क्योंकि इजराइल की मिसाइल रक्षा प्रणाली ने कई हमलों को नाकाम कर दिया।
बहरीन की तेल रिफाइनरी भी बनी निशाना
इजराइल के अलावा ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में भी हमला किया। गुरुवार को बहरीन की सरकारी तेल रिफाइनरी BAPCO पर मिसाइल दागी गई। इस हमले में रिफाइनरी की एक यूनिट में आग लग गई। हालांकि स्थानीय अधिकारियों ने बाद में आग पर काबू पा लिया। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर तेल रिफाइनरी को बड़ा नुकसान होता तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति और बाजार पर भी पड़ सकता था।
युद्ध से जुड़े बड़े अपडेट
जंग के सातवें दिन कई बड़े घटनाक्रम सामने आए:
अमेरिका-इजराइल हमलों में ईरान में 1230 लोगों की मौत की खबर
ईरान में अब तक करीब 1300 हमले दर्ज
14 मेडिकल सेंटर भी हमलों में निशाना बने
कई शहरों में पानी और बिजली आपूर्ति प्रभावित
इजराइल का दावा – उसने ईरान के 300 मिसाइल लॉन्चर नष्ट किए
ईरान का कहना है कि कुवैत, बहरीन और UAE में मौजूद 20 अमेरिकी बेस को नुकसान पहुंचा
ट्रम्प का बयान: नया सुप्रीम लीडर अमेरिका की भागीदारी से चुना जाए
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान की राजनीतिक स्थिति पर भी बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान को नया सुप्रीम लीडर चुनने की प्रक्रिया में अमेरिका की भूमिका को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। एक इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान अमेरिका को शामिल किए बिना नया नेता चुनता है तो इसका कोई खास मतलब नहीं होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को संभावित उत्तराधिकारी के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ट्रम्प के मुताबिक, अमेरिका ऐसा नेतृत्व चाहता है जो ईरान में स्थिरता और शांति लाए।
भारत ने खामेनेई के निधन पर जताया शोक
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद भारत ने भी संवेदना व्यक्त की है। भारत सरकार की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास जाकर श्रद्धांजलि दी और शोक पुस्तिका में हस्ताक्षर किए। दुनिया के कई देशों की ओर से भी खामेनेई के निधन पर शोक संदेश भेजे गए हैं।
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