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धरती कांपी, समंदर गरजा: रूस में 8.8 तीव्रता का भीषण भूकंप, जापान में सुनामी अलर्ट, 20 लाख लोग शिफ्ट!
30 जुल, 2025 0 व्यूज 4 मिनट पढ़ाई
धरती कांपी, समंदर गरजा: रूस में 8.8 तीव्रता का भीषण भूकंप, जापान में सुनामी अलर्ट, 20 लाख लोग शिफ्ट!

धरती कांपी, समंदर गरजा: रूस में 8.8 तीव्रता का भीषण भूकंप, जापान में सुनामी अलर्ट, 20 लाख लोग शिफ्ट!

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

मॉस्को। रूस के सुदूर पूर्व में स्थित कामचटका प्रायद्वीप में बुधवार तड़के दुनिया के छठे सबसे बड़े भूकंप ने तबाही मचाई। भारतीय समयानुसार सुबह 4:54 बजे आए इस भूकंप की तीव्रता 8.8 मापी गई, जिसने हजारों किलोमीटर दूर देशों तक को हिला दिया। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के मुताबिक, इसका केंद्र जमीन से 19.3 किलोमीटर नीचे था। भूकंप के कुछ ही मिनटों बाद 4 मीटर ऊंची सुनामी लहरें कामचटका तट से टकराईं, जिससे कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और लोगों में अफरा-तफरी मच गई।


कामचटका के गवर्नर बोले – 'दशकों में सबसे शक्तिशाली झटका'

गवर्नर व्लादिमीर सोलोदोव ने एक वीडियो संदेश में बताया, “आज का भूकंप दशकों में सबसे शक्तिशाली था। हमारे एक किंडरगार्टन स्कूल को नुकसान पहुंचा है और राहत कार्य तेज़ी से जारी हैं।” स्थानीय प्रशासन ने तटीय इलाकों को खाली कराने, स्कूलों को बंद करने और आपात सेवाएं तैनात करने का निर्णय लिया है।


जापान में हाई अलर्ट, 20 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

जापान के सरकारी चैनल NHK के अनुसार, देश के पूर्वी तट पर एक फुट ऊंची पहली सुनामी लहरें देखी गईं। सरकार ने 20 लाख लोगों को हटाकर सुरक्षित स्थानों पर भेजा है। इसके साथ ही फुकुशिमा परमाणु संयंत्र को भी खाली करा लिया गया है, ताकि कोई रेडिएशन रिस्क न हो।


पेरू, इक्वाडोर और चीन भी खतरे में

AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, पेरू और इक्वाडोर के गैलापागोस द्वीप, और चीन के पूर्वी तटीय इलाकों में भी सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। हालांकि ये इलाके कामचटका से करीब 13,000 किलोमीटर दूर हैं, लेकिन फिर भी भूकंपीय ऊर्जा के प्रभाव से समुद्री हलचल की आशंका को देखते हुए लोगों को निकाला जा रहा है। चीन में अधिकारियों को तटीय निगरानी बढ़ाने और लोगों को सतर्क रहने के आदेश दिए गए हैं।


इतिहास में 6वां सबसे बड़ा भूकंप 

USGS के अनुसार, यह अब तक का छठवां सबसे शक्तिशाली भूकंप है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस तरह के भूकंप प्लेट बाउंड्री के गहरे असंतुलन के कारण होते हैं, और इनके बाद बड़े आफ्टरशॉक्स आने की भी संभावना रहती है।

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