
नए कारोबारी हफ्ते की शुरुआत में सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है। सोमवार सुबह घरेलू वायदा बाजार में सोना लाल निशान पर कारोबार करता दिखाई दिया। निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली और कमजोर मांग के कारण बाजार में दबाव बना हुआ है। घरेलू कमोडिटी एक्सचेंज MCX पर सोने की कीमतों में एक हजार रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
MCX पर सोने का ताजा भाव
सोमवार सुबह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में सोना करीब 0.66% गिरकर 1,57,416 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखाई दिया। यह गिरावट लगभग ₹1050 प्रति 10 ग्राम के आसपास रही। विश्लेषकों का कहना है कि इक्विटी बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव के चलते कई निवेशक अपने नुकसान की भरपाई के लिए सोने में की गई निवेश से मुनाफा निकाल रहे हैं। इसी वजह से कीमतों में दबाव बना हुआ है।
घरेलू बाजार में जूलरी की मांग कमजोर
सोने की कीमतों पर दबाव की एक बड़ी वजह घरेलू बाजार में कमजोर जूलरी मांग भी बताई जा रही है। त्योहारों और शादी के सीजन से पहले खरीदार फिलहाल सतर्क हैं ऊंची कीमतों के कारण जूलरी की खरीदारी धीमी है। इस वजह से बाजार में फिलहाल सुस्ती का माहौल बना हुआ है।
चांदी में भी तेज गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी सोमवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। MCX पर चांदी का वायदा भाव शुरुआती कारोबार में लगभग 1.09% गिरकर 2,56,613 रुपये प्रति किलोग्राम करीब ₹2822 प्रति किलो की गिरावट। कमोडिटी बाजार में निवेशकों की सतर्कता और मुनाफावसूली का असर चांदी की कीमतों पर भी साफ दिखाई दिया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत
वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों का रुख मिला-जुला नजर आया। कॉमेक्स (COMEX) पर सोने का भाव लगभग 0.69% गिरकर 5,026.90 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड करता दिखाई दिया। वहीं गोल्ड स्पॉट में हल्की तेजी के साथ कीमत लगभग 5,023.81 डॉलर प्रति औंस के आसपास देखी गई। यह संकेत देता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेशकों की रणनीति फिलहाल संतुलित बनी हुई है।
वैश्विक बाजार में चांदी की कीमत
चांदी के अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कॉमेक्स पर चांदी का भाव लगभग 4.44% गिरकर 80.66 डॉलर प्रति औंस रहा। वहीं सिल्वर स्पॉट में मामूली बढ़त के साथ कीमत 80.64 डॉलर प्रति औंस के आसपास रही।
आगे क्या रह सकता है रुझान
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतें इन कारकों से प्रभावित हो सकती हैं:
वैश्विक आर्थिक हालात
शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव
डॉलर इंडेक्स और ब्याज दरों का रुख
घरेलू जूलरी मांग
अगर निवेशकों की मुनाफावसूली जारी रहती है तो कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
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