शुक्रवार, 13 मार्च 2026
Logo
Business
अमेरिका ने मारी भारत के कारोबारियों को ‘टैरिफ’ की चोट, निर्यातक बोले- ‘सरकार आधा बोझ उठाए’
09 सित, 2025 0 व्यूज 4 मिनट पढ़ाई
अमेरिका ने मारी भारत के कारोबारियों को ‘टैरिफ’ की चोट, निर्यातक बोले- ‘सरकार आधा बोझ उठाए’

अमेरिका ने मारी भारत के कारोबारियों को ‘टैरिफ’ की चोट, निर्यातक बोले- ‘सरकार आधा बोझ उठाए’

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

नई दिल्ली। भारतीय कारोबारियों पर अमेरिकी टैरिफ की मार अब साफ दिखने लगी है। बड़े-बड़े निर्यातकों से लेकर छोटे MSME उद्यमी तक परेशान हैं। इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल इंडिया (EEPC) के चेयरमैन पंकज चड्ढा ने सरकार से गुहार लगाते हुए कहा है कि “एमएसएमई एक्सपोर्टर अपने अमेरिकी बायर्स खो देंगे, अगर तुरंत मदद नहीं मिली।”


MSME एक्सपोर्टर के लिए ‘सस्ते कर्ज’ और राहत पैकेज की मांग

प्लैटिनम जुबली समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में पंकज चड्ढा ने खुलकर कहा, “ऐसा लग रहा है कि समझौता होने में 6 महीने भी लग सकते हैं। इस दौरान हमें पक्का करना होगा कि अमेरिकी खरीदार हाथ से न निकलें। अधिकतर देशों पर टैरिफ 20% और हम पर 50% है। यह 30% का अंतर बहुत ज्यादा है।”

चड्ढा ने मांग की कि MSME सेक्टर के लिए इंटरेस्ट रेट घटाए जाएं और इंटरेस्ट इक्वलाइजेशन स्कीम को फिर से शुरू किया जाए।


सरकार से आधा बोझ उठाने की अपील

चड्ढा ने कहा, “जब तक समझौता हो, तब तक सरकार किसी योजना के तहत इसमें से 15% का बोझ उठा ले, बाकी 15% निर्यातक वहन करने को तैयार हैं। ऐसा हो जाए तो एमएसएमई एक्सपोर्टर अपने बायर मेंटेन कर लेंगे।”


अमेरिका का 50% टैरिफ और भारत की चिंता

अमेरिकी प्रशासन ने हाल ही में भारतीय सामानों पर 50% का भारी टैरिफ ठोंका है। इसमें रूस से कच्चा तेल खरीदने पर 25% का जुर्माना भी शामिल है। यही कारण है कि भारत के लिए अमेरिका का बड़ा बाजार अब और चुनौतीपूर्ण हो गया है।


भारत का रुख: “बराबरी और संतुलन ज़रूरी”

सरकारी सूत्रों ने साफ कहा है कि भारत बराबर, निष्पक्ष और संतुलित द्विपक्षीय व्यापार समझौता चाहता है। “भारत अपनी प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए खासकर किसानों, मछुआरों, MSME और डेयरी सेक्टर में बहुत संवेदनशीलता के साथ काम करता है। सरकार इन हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।”


जल्द आ सकता है राहत पैकेज

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पहले ही संकेत दे चुके हैं कि निर्यातकों के लिए विशेष पैकेज पर काम चल रहा है। गोयल ने कहा था, “एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन के तहत इनोवेटिव तरीकों पर विचार किया जा रहा है।”

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें