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2 अप्रैल से लागू होगी अमेरिका की नई टैरिफ नीति, ट्रम्प की नई व्यापार नीति से एशियाई देशों की मुश्किलें बढ़ेंगी, भारत पर भी पड़ेगा असर
31 मार्च, 2025 0 व्यूज 4 मिनट पढ़ाई
2 अप्रैल से लागू होगी अमेरिका की नई टैरिफ नीति, ट्रम्प की नई व्यापार नीति से एशियाई देशों की मुश्किलें बढ़ेंगी, भारत पर भी पड़ेगा असर

2 अप्रैल से लागू होगी अमेरिका की नई टैरिफ नीति, ट्रम्प की नई व्यापार नीति से एशियाई देशों की मुश्किलें बढ़ेंगी, भारत पर भी पड़ेगा असर

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की है कि वे 2 अप्रैल से सभी देशों पर प्रतिस्पर्धात्मक टैरिफ (Reciprocal Tariffs) लागू करने की योजना बना रहे हैं। इससे भारत सहित कई एशियाई देशों को कठिन आर्थिक फैसले लेने होंगे। यह टैरिफ नीति उन देशों पर लागू होगी जो अमेरिका के साथ असमान व्यापारिक संबंध रखते हैं। अमेरिका का यह कदम वैश्विक व्यापार को संतुलित करने और अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की रणनीति का हिस्सा है।


हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन देशों पर कितने टैरिफ लगाए जाएंगे और किन्हें छूट दी जाएगी। ट्रम्प प्रशासन का कहना है कि टैरिफ दरें अन्य देशों की गैर-टैरिफ बाधाओं (Non-Tariff Barriers) को भी ध्यान में रखते हुए तय की जाएंगी, लेकिन इस संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।


भारत की रणनीति: अमेरिका को संतुष्ट करने की कोशिश

भारत, चीन, कनाडा और यूरोपीय संघ से अलग रणनीति अपनाते हुए, अमेरिका को संतुष्ट करने के लिए 23 अरब डॉलर के अमेरिकी आयात पर टैरिफ कटौती की पेशकश कर रहा है। इसके तहत भारत ने अमेरिका से आयात होने वाले कुछ कृषि उत्पादों जैसे कि बादाम, क्रैनबेरी, अखरोट, पिस्ता और दालों पर टैरिफ कम करने की पेशकश की है। इसके अलावा, अमेरिका से आयात होने वाली बोर्बन व्हिस्की पर टैरिफ 150% से घटाकर 100% कर दिया गया है।


भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता: सकारात्मक संकेत

नई दिल्ली में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच की मौजूदगी में भारत और अमेरिका के बीच चार दिवसीय व्यापार वार्ता आयोजित की गई, जिसे एक दिन के लिए बढ़ा दिया गया था। यह संकेत देता है कि बातचीत सकारात्मक रही। इसके अलावा, दोनों देशों ने ऑनलाइन माध्यम से आगे की व्यापार वार्ता जारी रखने पर सहमति जताई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत, अमेरिका के साथ व्यापार समझौता करने की दिशा में सबसे आगे है, जबकि अन्य देश, जैसे कि चीन, कनाडा और यूरोपीय संघ, प्रतिशोधी उपाय अपना रहे हैं। भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर सितंबर 2025 तक सहमति बनने की संभावना है।


गूगल टैक्स हटाकर भारत ने दिखाई नरमी

भारत ने अमेरिका के व्यापार हितों को ध्यान में रखते हुए डिजिटल विज्ञापनों पर 6% "गूगल टैक्स" हटा दिया है। यह निर्णय वैश्विक टेक कंपनियों के लिए भारत में व्यापार को आसान बनाने के लिए लिया गया है। इससे भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता को गति मिलेगी और भारत को अमेरिकी टैरिफ से बचने में मदद मिल सकती है।


मोदी-ट्रम्प की बैठक और व्यापारिक लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच 13 फरवरी को हुई बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को गहरा करने पर सहमति जताई। दोनों देशों का लक्ष्य 2030 तक व्यापार को $500 अरब तक बढ़ाना है।

ट्रम्प ने प्रधानमंत्री मोदी को "बहुत स्मार्ट व्यक्ति" और "बेहतरीन दोस्त" बताया और भरोसा जताया कि अमेरिका-भारत व्यापार वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगी।


अमेरिकी टैरिफ नीति का भारत पर प्रभाव

2 अप्रैल से लागू होने वाली अमेरिकी टैरिफ नीति के बाद भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में क्या नया मोड़ आएगा, यह देखना दिलचस्प होगा। भारत ने अभी तक संतुलित रणनीति अपनाई है और संभावित व्यापार समझौते की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। अब यह देखना होगा कि अमेरिका की नई टैरिफ नीति किस तरह से भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगी।

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