
मुंबई। आज भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई। सेंसेक्स 1,235 अंकों की गिरावट के साथ 75,838 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 320 अंकों की गिरावट के साथ 23,024 पर आ गया। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 28 में गिरावट और केवल 2 में तेजी देखी गई। जोमैटो के शेयर में 10.92% की गिरावट, जो कमजोर तिमाही नतीजों का परिणाम है। बैंकिंग, ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही। HCL टेक, अल्ट्राटेक सीमेंट, और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसे कुछ शेयरों ने गिरावट को रोकने की कोशिश की। घरेलू निवेशकों (DIIs) ने 4,321 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।
गिरावट की प्रमुख वजहें
अमेरिका की अनिश्चित व्यापार नीतियां: नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की व्यापार नीतियों को लेकर वैश्विक बाजार में अस्थिरता।
कमजोर तिमाही नतीजे: वित्त वर्ष 2024-25 में कई प्रमुख कंपनियों के खराब प्रदर्शन ने निवेशकों का विश्वास डगमगाया।
विदेशी निवेशकों की निकासी: विदेशी निवेशकों (FIIs) ने 20 जनवरी को 4,336 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ा।
वैश्विक और एशियाई बाजार का प्रभाव
एशियाई बाजारों का मिला-जुला प्रदर्शन:
जापान का निक्केई 0.32% की तेजी के साथ बंद हुआ।
कोरिया का कोस्पी 0.080% और
चीन का शंघाई कम्पोजिट इंडेक्स 0.054% गिरकर बंद हुआ।
अमेरिकी बाजार का सकारात्मक प्रदर्शन:
17 जनवरी को डाओ जोंस 0.78%, S&P 500 इंडेक्स 1%, और नैस्डैक इंडेक्स 1.51% की तेजी के साथ बंद हुए।
आज की गिरावट से निवेशकों में चिंता बढ़ी है, खासतौर पर कमजोर तिमाही नतीजों और विदेशी निवेशकों की निकासी के कारण। हालांकि, घरेलू निवेशकों का समर्थन और कुछ शेयरों की मजबूती भविष्य में बाजार को स्थिरता देने में सहायक हो सकती है।
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