
बुधवार, 16 अप्रैल की सुबह भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत हल्की गिरावट के साथ हुई। अमेरिका और एशियाई बाजारों की कमजोरी का असर घरेलू बाजार पर भी दिखा। बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों इंडेक्स प्री-ओपनिंग में थोड़ी तेजी दिखाने के बाद शुरुआती कारोबार में फिसल गए। हालांकि, कुछ ही देर में बाजार ने रिकवरी कर ली और सेंसेक्स-निफ्टी फिर हरे निशान में लौट आए।
प्री-ओपनिंग सेशन में तेजी
सुबह 9:09 बजे प्री-ओपनिंग सेशन में सेंसेक्स 261.89 अंक यानी 0.34% की तेजी के साथ 76,996.78 पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी भी 15.55 अंक यानी 0.067% चढ़कर 23,344.10 के स्तर पर देखा गया। इससे बाजार में सकारात्मक शुरुआत की उम्मीद बनी रही।
शुरुआती कारोबार में फिसला बाजार
लेकिन बाजार खुलते ही गिरावट दर्ज हुई। सुबह 9:15 बजे सेंसेक्स 127.56 अंक यानी 0.17% की गिरावट के साथ 76,607.33 पर आ गया। निफ्टी भी 36.75 अंक यानी 0.16% टूटकर 23,291.80 पर कारोबार कर रहा था। हालांकि, इसके बाद तेजी से रिकवरी देखने को मिली।
इन कंपनियों के शेयर चमके और गिरे
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से मारुति, सन फार्मा, एनटीपीसी, टाटा स्टील, रिलायंस और इंफोसिस के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही। वहीं, इंडसइंड बैंक, एक्सिस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर मजबूती के साथ हरे निशान में दिखे।
कमजोर ग्लोबल संकेतों का दबाव
अमेरिकी वॉल स्ट्रीट में बीती रात गिरावट के साथ कारोबार बंद हुआ। उधर, एशियाई बाजारों में भी कमजोरी दिखी। चीन और हांगकांग में सबसे ज्यादा गिरावट आई, जबकि जापान का निक्केई इंडेक्स भी नीचे आया। इसकी एक अहम वजह Nvidia की ओर से चीन को चिप निर्यात पर अमेरिका की नई पाबंदी रही, जिससे निवेशक सर्तक नजर आए।
पिछले दो दिन में बाजार में रिकॉर्ड तेजी
मंगलवार, 15 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी दर्ज की गई थी। सेंसेक्स 1,577.63 अंक यानी 2.10% चढ़कर 76,734.89 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 500 अंक यानी 2.19% की बढ़त के साथ 23,328.55 पर बंद हुआ। सिर्फ दो कारोबारी दिनों में निवेशकों की संपत्ति में 18.42 लाख करोड़ रुपये की बंपर बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसने बाजार को फिर नई ऊंचाई दी।
बाजार की चाल ग्लोबल संकेतों पर टिकी
फिलहाल भारतीय शेयर बाजार की दिशा ग्लोबल संकेतों पर निर्भर नजर आ रही है। विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशक किसी भी बड़े फैसले से पहले ग्लोबल मार्केट के रुझान और घरेलू संकेतकों पर नजर बनाए रखें, ताकि जोखिम से बचा जा सके।
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