
गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार मामूली बढ़त के साथ खुले, जिसमें घरेलू निवेशकों की मजबूत खरीदारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि, वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण बाजार में सतर्कता भी देखी जा रही है।
सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त
गुरुवार को सेंसेक्स 34.39 अंकों की बढ़त के साथ 73,764.62 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 26.75 अंक चढ़कर 22,364.05 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी देखी गई, जिससे कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयरों में उछाल आया।
निफ्टी के टॉप गेनर्स और लूजर्स
टॉप गेनर्स:
BPCL
एशियन पेंट्स
श्रीराम फाइनेंस
रिलायंस इंडस्ट्रीज
टाटा स्टील
टॉप लूजर्स:
एसबीआई लाइफ
ब्रिटानिया
इन्फोसिस
भारती एयरटेल
ट्रेंट
10 दिनों की गिरावट के बाद निफ्टी में सुधार
निफ्टी ने मंगलवार को 1.2% की मजबूती के साथ अपनी लगातार 10 दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा। एक्सिस सिक्योरिटीज के हेड ऑफ रिसर्च अक्षय चिंचालकर ने कहा,
"निफ्टी की यह रिकवरी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है। खासकर स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।"
उन्होंने यह भी बताया कि निफ्टी के लिए 22,100-22,187 का सपोर्ट ज़ोन मजबूत हुआ है और अब बाजार 22,410-22,720 के रेजिस्टेंस ज़ोन की ओर बढ़ सकता है। अगर निफ्टी 22,508 के ऊपर बंद होता है, तो यह बुल्स (तेजी के पक्षधर निवेशकों) के लिए सकारात्मक संकेत होगा।
वैश्विक अनिश्चितताओं का बाजार पर असर
हालांकि, बाजार में रिकवरी के संकेत मिले हैं, लेकिन वैश्विक घटनाक्रमों का प्रभाव अभी भी बना हुआ है। बैंकिंग और बाजार विशेषज्ञ अजय बग्गा का कहना है,
"बाजार की यह तेजी जारी रहेगी या नहीं, यह वैश्विक जोखिम कारकों पर निर्भर करेगा। खासतौर पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।"
भारत 2 अप्रैल से पहले अमेरिका के साथ टैरिफ समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहा है, जिससे आगे निवेश धारणा प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की बिकवाली के बावजूद घरेलू निवेशकों की खरीदारी बाजार को स्थिर बनाए हुए है।
क्या आगे भी जारी रहेगी तेजी?
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर निफ्टी 22,508 के ऊपर टिकता है, तो बाजार में और मजबूती देखने को मिल सकती है। लेकिन वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। आने वाले हफ्तों में अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों से आने वाले संकेत भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।
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