
नई दिल्ली। मोदी सरकार की तीसरी पारी के पहले बजट में नौकरीपेशा आम वर्ग राहत की उम्मीदें लगाए बैठा है। वित्त मंत्री से टैक्स स्लैब में बदलाव की मांग पुरजोर तरीके से की जा रही है। न्यू रिजीम (नई कर व्यवस्था) चुनने पर 7.50 लाख कमाई वालों को कोई टैक्स नहीं देना पड़ता है। जबकि ओल्ड रिजीम में सभी डिडक्शन के साथ टैक्स छूट की लिमिट 5 लाख रुपए है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फरवरी में आए अंतरिम बजट में डायरेक्ट या इनडायरेक्ट टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया था।
पिछले पूर्ण बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने न्यू टैक्स रिजीम का ऑप्शन देकर टैक्सपेयर्स के लिए नया इनकम टैक्स स्लैब लागू किया था।
क्या है मौजूदा इनकम टैक्स स्लैब?
टैक्स रिजीम के हिसाब से टैक्स छूट की लिमिट
न्यू टैक्स रिजीम
इसमें 3 लाख तक की आय कर मुक्त है। अगर आपकी सालाना आय 5 लाख रुपए है, तो 3 लाख रुपए तक की आय टैक्स फ्री है। बाकी 2 लाख रु. पर 5% के हिसाब से टैक्स की देनदारी बनती है। मतलब, आपको 10 हजार रुपए टैक्स चुकाना पड़ सकता है। हालांकि, ये रिजीम चुनने पर सरकार 7.5 लाख तक की आय पर टैक्स को सेक्शन 87A के तहत माफ करती है।
पुरानी टैक्स रिजीम
मोदी सरकार ने फरवरी के अंतरिम बजट में आम नागरिकों को इनकम टैक्स में कोई राहत नहीं दी थी। अगर कोई पुरानी टैक्स रिजीम चुनता है तो अब भी 2.5 लाख रुपए तक की आय ही टैक्स फ्री है। हालांकि इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 87A के तहत 5 लाख तक की आय पर टैक्स बचत की जा सकती है।
अभी कितना मिल रहा है स्टैंडर्ड डिडक्शन?
वित्त मंत्री सीतारमण बजट पिछले बजट में सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट की लिमिट में कोई बदलाव नहीं किया। टैक्स छूट की सीमा 1.5 लाख रुपए है। पीएफ स्कीम, पीपीएफ, इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम, सुकन्या समृद्धि योजना, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट, 5 साल के फिक्स्ड डिपॉजिट, नेशनल पेंशन सिस्टम और सीनियर सिटीजन बचत योजनाएं सेक्शन 80C के दायरे में आती हैं। इसके अलावा टैक्स पेयर्स स्कूल फीस, होम लोन पेमेंट, इंश्योरेंस प्रीमियम में भी कर छूट का लाभ ले सकते हैं। NPS में निवेश करके (धारा 80CCD)के तहत अतिरिक्त ₹50,000 का कर लाभ लिया जा सकता है।
हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर छूट डबल की उम्मीद टूटी
हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम भुगतान पर सेक्शन 80D के तहत टैक्स छूट दोगुना होने की उम्मीदों को झटका लग चुका है। फिलहाल, पति-पत्नी और बच्चों के हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर सालभर में 25 हजार रु. कर छूट का फायदा मिल रहा है।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

