
डेस्क रिपोर्टर
News World Deskनई दिल्ली, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। सीमेंट और इस्पात जैसे कच्चे माल की कीमत में बढ़ोतरी के चलते 8 प्रमुख शहरों में पिछले साल घरों की कीमतें 3 से लेकर 7 फ़ीसदी तक बढ़ गई है। इसके साथ ही मकानों की बिक्री के बारे में बात करें तो रिपोर्ट के अनुसार, बिक्री में 13 फ़ीसदी का उछाल आया है।
सरकार के समर्थन उपायों का असर
संपत्ति ब्रोकरेज फर्म की एक रिपोर्ट में कहा गया कि मकानों की बिक्री 2021 में 13 फ़ीसदी बढ़कर 2059361 इकाई हो गई, जो इससे पिछले साल 1826391 इकाई थी। इसमें कहा गया की 2022 की तुलना में 2021 में नई आपूर्ति में तेज वृद्धि देखी गई और यह आंकड़ा 1.22 लाख इकाइयों से बढ़कर 2.14 लाख इकाई पर पहुंच गया, जो 75 फ़ीसदी की वृद्धि को दर्शाता है। इस तेजी के चलते रियल स्टेट क्षेत्र की सेहत में सुधार होता दिख रहा है।
अहमदाबाद हैदराबाद सबसे आगे
रिपोर्ट के अनुसार कोरोना महामारी के बाद सरकार के समर्थन उपायों समेत अन्य ऐसे कारण रहे जिनके चलते यह बढ़ोतरी देखने को मिली। मुख्य 8 शहरों की बात करें तो अहमदाबाद और हैदराबाद में घरों की कीमत में सबसे ज्यादा 7 फ़ीसदी तक का उछाल आया है। इसके बाद बेंगलुरु में 6 फ़ीसदी पुणे में 3 फ़ीसदी और मुंबई में 4 फ़ीसदी की तेजी दर्ज की गई। दिल्ली एनसीआर, कोलकाता और चेन्नई में घरों की कीमत 5 फ़ीसदी तक बढ़ गई है।
2022 में आएगी तेजी
सीएसआईआर-एनरॉक कंजूमर सर्वे में 56 फ़ीसदी उत्तरदाताओं ने निर्माण कच्चे माल में मुद्रास्फीति के रुझान और डेवलपर्स के लिए समग्र परिचालन लागत के कारण 2022 में आवास की कीमतों में वृद्धि की उम्मीद जताई है। जुलाई और दिसंबर 2021 के बीच किए गए इस सर्वेक्षण में टियर 1, टियर 2 और टियर-3 शहरों में विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से 5210 लोगों की राय को शामिल किया गया है।
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