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डेस्क रिपोर्टर
भोपाल, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। सरकार ने अचल संपत्तियों की बिक्री स्त्रोत पर कर कटौती के प्रावधान में बदलाव का प्रस्ताव किया है। इसके तहत 50 लाख रुपए से अधिक मूल्य की गैर कृषि ग्रामीण अचल संपत्ति यानी शहरी कृषि भूमि बेचने पर बिक्री मॉल या स्टांप शुल्क में से जो भी अधिक हो उस पर 1 फ़ीसदी टीडीएस लागू होगा। अभी यह कटौती सिर्फ अचल संपत्ति के मूल्य के आधार पर की जाती है। नया नियम एक अप्रैल 2022 से लागू हो जाएगा।
गौरतलब है कि अभी 50 लाख से ज्यादा मूल्य की गैर कृषि संपत्ति के लेनदेन पर 1 फ़ीसदी टीडीएस का नियम है। इस 1 फ़ीसदी टीडीएस के लिए संपत्ति की कीमत को आधार माना जाता है। ये नियम से 50 लाख से ज्यादा मूल के लेनदेन पर लागू होता है।
मंजूरी होने पर 1 अप्रैल से लागू होगा नियम
यह संशोधन मंजूर होने पर 1 अप्रैल 2022 से प्रभावी होगा। संशोधन के कारण को स्पष्ट करते हुए वित्त विधेयक में कहा गया है कि अधिनियम की धारा 194-1 ए कृषि भूमि के अलावा कुछ अचल संपत्तियों के ट्रांसफर के लिए भुगतान पर कर कटौती का प्रावधान करती है। इसमें उपधार (1) किसी निवासी को अचल संपत्ति के ट्रांसफर के लिए किसी भी राशि का भुगतान करने वाले व्यक्ति को भुगतान के समय पर कटौती का प्रावधान करती है जो 1% की दर से होती है। उपधार (2) मैं प्रावधान है कि किसी अचल संपत्ति का मूल्य 50 लाख से कम है तो कर की कोई कटौती नहीं की जानी चाहिए।
तीन सेक्शंस के प्रावधानों में विसंगति
अधिनियम की धारा 194-1ए और धारा 43सी ए और 50 सी सावधान में विसंगति है। दस्तावेज के अनुसार इस विसंगति को दूर करने के लिए अधिनियम की धारा 194-1ए में संशोधन करने का प्रस्ताव है, जिसके तहत अचल संपत्ति के ट्रांसफर के मामले में टीडीएस की कटौती 1% की दर से की जानी है। यह बिक्री मूल्य या स्टांप शुल्क मूल्य में से जो भी अधिक हो उस पर लागू होगी। इसमें कहा गया है कि अगर अचल संपत्ति के ट्रांसफर के लिए किया गया भुगतान और ऐसी संपत्ति का स्टांप शुल्क मूल्य दोनों 50 लाख से कम है तो इस धारा के तहत कोई कर कटौती नहीं की जाएगी।
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