
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बढ़ते निवेश के बीच माइक्रोसॉफ्ट ने कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की योजना पेश की है। इसके तहत भारत समेत चार देशों में तय स्तर तक के कर्मचारियों को कंपनी छोड़ने के बदले आर्थिक पैकेज दिया जा सकता है।
इस योजना के दायरे में लेवल 70 या उससे नीचे के कर्मचारी शामिल हैं। भारत में पात्र कर्मचारियों को ऑफर पर फैसला लेने के लिए 1 दिसंबर तक का समय दिया गया है, लेकिन देश में कितने कर्मचारी इसके लिए योग्य हैं, यह स्पष्ट नहीं है।
माइक्रोसॉफ्ट में किन कर्मचारियों को मिलेगा ऑफर?
माइक्रोसॉफ्ट में जून 2026 तक करीब 2.23 लाख कर्मचारी थे। इनमें लगभग 23 हजार कर्मचारी भारत में काम करते हैं। कंपनी ने करीब 60 हजार कर्मचारियों को इस योजना के लिए पात्र माना है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इतने कर्मचारी नौकरी छोड़ने जा रहे हैं।
ऑफर भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में चुनिंदा टीमों के पात्र कर्मचारियों के लिए है। पात्रता कंपनी के आंतरिक जॉब लेवल के साथ संबंधित टीम और बिजनेस यूनिट की जरूरतों पर भी निर्भर करेगी।
1 दिसंबर तक लेना होगा फैसला
भारत में पात्र कर्मचारियों को 1 दिसंबर तक तय करना होगा कि वे स्वैच्छिक एग्जिट ऑफर स्वीकार करना चाहते हैं या नहीं। माइक्रोसॉफ्ट ने इस योजना को समय-सीमित पहल बताया है।
कंपनी की मुख्य जन अधिकारी एमी कोलमैन के अनुसार, इसका मकसद कर्मचारियों को आर्थिक सहायता और करियर की योजना बनाने के संसाधनों के साथ आगे बढ़ने का विकल्प देना है। इससे कंपनी की अलग-अलग टीमें बदलती कारोबारी जरूरतों के हिसाब से अपने कार्यबल में बदलाव कर सकेंगी।
किन पदों पर लागू होगा ऑफर?
योजना में कंपनी के आंतरिक जॉब लेवल 70 या उससे नीचे के कर्मचारी शामिल हैं। इसमें पात्रता केवल पद के स्तर से तय नहीं होगी; संबंधित टीम का इस कार्यक्रम में शामिल होना भी जरूरी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी की कुछ टीमों में AI Experiences, Copilot, फाइनेंस, ह्यूमन रिसोर्सेज, Xbox और Windows + Devices से जुड़े कर्मचारी पात्र हो सकते हैं। मार्केटिंग, कमर्शियल बिजनेस और सिक्योरिटी जैसे कुछ विभागों को इस कार्यक्रम से बाहर रखा गया है।
नौकरी छोड़ने पर कितना पैसा मिलेगा?
माइक्रोसॉफ्ट ने सार्वजनिक रूप से सभी कर्मचारियों के लिए एक समान पैकेज की राशि घोषित नहीं की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, भुगतान कर्मचारी के जॉब लेवल और कंपनी में काम करने की अवधि के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।
* लेवल 67 और उससे नीचे: रिपोर्ट के अनुसार, बेसिक सैलरी के अधिकतम 39 सप्ताह तक का सेवरेंस पैकेज मिल सकता है।
* लेवल 68: कुछ रिपोर्ट्स में 12 महीने की सैलरी के बराबर पैकेज का उल्लेख है।
* अन्य सुविधाएं: पात्र कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा और करियर बदलने में मदद देने वाली सेवाएं भी मिल सकती हैं।
भारत में प्रत्येक कर्मचारी को मिलने वाली अंतिम राशि और अन्य शर्तें उसके व्यक्तिगत ऑफर पर निर्भर करेंगी।
ऑफर ठुकराने पर क्या होगा?
यह योजना स्वैच्छिक है। जो कर्मचारी इसे स्वीकार नहीं करेंगे, वे अपनी मौजूदा भूमिका में काम जारी रख सकते हैं। कारोबारी जरूरतों के अनुसार कंपनी किसी कर्मचारी को दूसरी टीम या प्रोजेक्ट में भी भेज सकती है।
यदि स्वैच्छिक योजना से कंपनी अपने कार्यबल और खर्च में जरूरी बदलाव नहीं कर पाती, तो भविष्य में छंटनी की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। मगर इस ऑफर के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि सभी पात्र कर्मचारियों की नौकरी खतरे में है।
AI पर बढ़ते खर्च के बीच फैसला
माइक्रोसॉफ्ट डेटा सेंटर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश कर रही है। कंपनी का यह नया कार्यक्रम ऐसे समय आया है, जब तकनीकी कंपनियां AI सेवाओं की बढ़ती मांग के लिए अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रही हैं और खर्च पर नियंत्रण रखने की कोशिश कर रही हैं।
इस योजना से कितने कर्मचारी वास्तव में नौकरी छोड़ेंगे, कंपनी ने इसका लक्ष्य घोषित नहीं किया है। इसलिए करीब 60 हजार की संख्या को संभावित नौकरी छोड़ने वालों की संख्या के बजाय ऑफर के लिए पात्र कर्मचारियों की संख्या के रूप में समझना चाहिए।
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