
नई दिल्ली। साल 2006 में एक फिल्म आई थी 'फिर हेराफेरी'। अक्षय कुमार की इस फिल्म में लोगों को 25 दिन में पैसा डबल करने का लालच दिया जाता है। लेकिन शेयर मार्केट में छह शेयरों ने सच में 25 दिनों में निवेशकों को 100 परसेंट से ज्यादा रिटर्न दिया है। इन कंपनियों का मार्केट कैप 500 करोड़ रुपये से अधिक है। 30 नवंबर से पांच जनवरी के बीच 25 ट्रेडिंग सेशन्स में कम से कम छह शेयरों ने मिनिमम 100 परसेंट रिटर्न दिया है। दिलचस्प बात है कि इनमें से सभी शेयर स्मॉलकैप कंपनियों के हैं। देखिए पूरी लिस्ट…
वीएल ई-गवर्नेंस एंड आईटी सॉल्यूशंस
वक्रांगी की सब्सिडियरी वीएल ई-गवर्नेंस एंड आईटी सॉल्यूशंस के शेयरों में 25 दिनों में 144 फीसदी तेजी आई है। यह कंपनी ई-गवर्नेंस और आईटी सॉल्यूशंस प्रदान करती है। इस स्मॉलकैप कंपनी में एलआईसी की छह फीसदी से अधिक हिस्सेदारी है। कुछ महीने पहले ही इसे पेरेंट कंपनी वक्रांगी से अलग किया गया था। कंपनी अब सेमीकंडक्टर डिजाइन और इंजीनियरिंग के बिजनस में संभावनाएं तलाश रही है।
ओरिएंटल रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर
मल्टीबैगर स्मॉलकैप ओरिएंटल रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर में पिछले 25 दिन में 140 परसेंट फीसदी तेजी आई है। पिछले एक साल में इसने तीन गुना रिटर्न दिया है। मुंबई की इस कंपनी में दिग्गज निवेशक मुकुल महावीर अग्रवाल ने 34 लाख शेयर खरीदे थे। उनकी कंपनी में 5.12 फीसदी हिस्सेदारी है। यह कंपनी भारतीय रेलवे के लिए सीट और लैवेटरी डूर्स जैसे उत्पाद बेचती है।
आर्टेमिस इलेक्ट्रिकल्स एंड प्रोजेक्ट्स
एलईडी लाइट्स और उससे जुड़े प्रॉडक्ट्स बनाने वाली कंपनी आर्टेमिस इलेक्ट्रिकल्स एंड प्रोजेक्ट्स ने 25 दिन में 124 परसेंट रिटर्न दिया है।
आईनॉक्स ग्रीन एनर्जी सर्विसेज
आईनॉक्स ग्रीन एनर्जी सर्विसेज का शेयर नवंबर 2022 में अपने इश्यू प्राइस 65 रुपये से सात परसेंट गिरावट के साथ 60.50 रुपये पर लिस्ट हुए थे। पिछले एक साल में इस शेयर में तीन गुना से अधिक तेजी आई है। 30 नवंबर से पांच जनवरी के बीच 25 ट्रेडिंग सेशन्स में 110 परसेंट रिटर्न दिया है।
एस्सार शिपिंग
एस्सार शिपिंग ने 25 ट्रेडिंग सेशन्स में 103 फीसदी रिटर्न दिया है। यह इस दौरान निवेशकों का पैसा डबल करने वाली सबसे छोटी कंपनी है जिसका मार्केट कैप महज 700 करोड़ रुपये है।
पीसी जूलर्स
दिल्ली की कंपनी पीसी जूलर्स के शेयर ने 25 ट्रेडिंग दिनों में 101 परसेंट रिटर्न दिया है। पिछले साल एसबीआई और दूसरे बैंकों ने इस कंपनी के खिलाफ कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन शुरू करने के लिए याचिका दायर की थी। दूसरी तिमाही में कंपनी का घरेलू टर्नओवर 33 करोड़ रुपये रहा जो पिछले साल की समान तिमाही में 836 करोड़ रुपये था।
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