
देश में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एक ऐसा कदम उठाने जा रहा है, जो आपकी जेब और बैंक अकाउंट की सुरक्षा को अभेद्य बना देगा। जल्द ही, अगर आप ₹10,000 से ज्यादा का ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते हैं, तो पैसा तुरंत ट्रांसफर होने के बजाय 1 घंटे के लिए 'होल्ड' पर रह सकता है।
फ्रॉड करने वालों की 'जल्दबाजी' पर फिरेगा पानी
अक्सर साइबर ठग मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर लोगों से जल्दबाजी में पैसे ट्रांसफर करवाते हैं। RBI का मानना है कि 60 मिनट की यह देरी ग्राहकों को सोचने और गलत ट्रांजैक्शन को कैंसिल करने का कीमती मौका देगी। फिलहाल, ज्यादातर डिजिटल पेमेंट पलक झपकते ही हो जाते हैं, जिससे गलती सुधारने का कोई रास्ता नहीं बचता।
हालांकि, आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। अगर आप अपने किसी परिचित या भरोसेमंद दुकानदार को पैसे भेज रहे हैं, तो आप उन्हें अपनी 'व्हाइटलिस्ट' में शामिल कर सकेंगे। व्हाइटलिस्टेड लोगों को पेमेंट करने पर यह टाइम लिमिट लागू नहीं होगी और आपका काम पहले की तरह ही तेज रफ्तार से होगा।
बुजुर्गों के लिए 'सुरक्षा कवच' और 'किल स्विच'
डिजिटल फ्रॉड का सबसे आसान शिकार बनने वाले 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए सुरक्षा की दूसरी लेयर जोड़ी जाएगी। अब ₹50,000 से ज्यादा के ट्रांजैक्शन के लिए एक 'ट्रस्टेड पर्सन' (भरोसेमंद व्यक्ति) की मंजूरी लेना अनिवार्य हो सकता है।
इसके साथ ही, RBI एक 'किल स्विच' (Kill Switch) लाने की तैयारी में है। अगर आपको शक हो कि आपका अकाउंट हैक हो गया है, तो आपको कस्टमर केयर के चक्कर नहीं काटने होंगे। बस एक क्लिक करते ही आपकी सभी डिजिटल पेमेंट सेवाएं तुरंत बंद हो जाएंगी।
क्यों जरूरी हुआ यह कड़ा फैसला?
आंकड़े चौंकाने वाले हैं। पिछले साल भारत में डिजिटल फ्रॉड से ₹22,000 करोड़ से ज्यादा की चपत लगी। भले ही ₹10,000 से ऊपर के ट्रांजैक्शन संख्या में सिर्फ 45% हों, लेकिन कुल ठगी गई रकम में इनकी हिस्सेदारी 98.5% है। यही वजह है कि RBI ने इसी लिमिट को सुरक्षा का केंद्र बनाया है।
कब तक लागू होंगे ये बदलाव?
RBI फिलहाल बैंकों और NPCI के साथ इसके तकनीकी पहलुओं पर मंथन कर रहा है। चुनौती यह है कि पेमेंट की 'स्पीड' और 'सुरक्षा' के बीच संतुलन बना रहे। इस प्रस्ताव पर 8 मई तक आम जनता से सुझाव मांगे गए हैं। उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में गाइडलाइंस जारी कर इसे चरणबद्ध तरीके से लागू कर दिया जाएगा।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

