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शेयर बाजार में आई बड़ी उछाल: सेंसेक्स 1500 और निफ्टी 400 अंक चढ़ा, मिडिल ईस्ट तनाव कम होने का असर

24 मार्च, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
शेयर बाजार में आई बड़ी उछाल: सेंसेक्स 1500 और निफ्टी 400 अंक चढ़ा, मिडिल ईस्ट तनाव कम होने का असर
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

सोमवार की भारी गिरावट के बाद मंगलवार की सुबह शेयर बाजार ने ऐसी छलांग लगाई जिसने निवेशकों के मुरझाए चेहरों पर एक बार फिर रौनक ला दी। मिडिल ईस्ट में जंग के बादल छंटने की उम्मीद जगते ही Sensex ने करीब 1500 अंकों की दौड़ लगा दी और Nifty50 भी 400 अंकों की बढ़त के साथ खुला।


मिडिल ईस्ट में नरमी, बाजार में गर्मी

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव ने पिछले कुछ दिनों से दुनियाभर के बाजारों को हिलाकर रख दिया था। लेकिन मंगलवार को जैसे ही दोनों देशों के बीच तनाव में कमी आने के संकेत मिले, निवेशकों ने राहत की सांस ली और बाजार में जमकर खरीदारी शुरू हो गई। सिर्फ भारत ही नहीं, एशिया के तमाम बाजारों में हरियाली छा गई। अमेरिकी बाजारों की मजबूत क्लोजिंग ने भी घरेलू निवेशकों का हौसला बढ़ाया, जिसका सीधा असर सुबह की ओपनिंग पर दिखा।


सोमवार को क्या हुआ था?

सोमवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था। Sensex और Nifty दोनों धड़ाम से गिरे थे। सिर्फ शेयर बाजार ही नहीं, सोना, चांदी और कच्चे तेल की कीमतें भी लुढ़क गई थीं। हालांकि बाजार बंद होने के बाद Gift Nifty में उछाल के संकेत मिले थे, जिससे विश्लेषकों ने मंगलवार को रिकवरी का अनुमान लगाया था — और वही हुआ भी।


उछाल आई, लेकिन खतरा अभी टला नहीं

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह तेजी राहत की लहर जरूर है, लेकिन इसे स्थायी मानकर चलना जोखिम भरा होगा। भू-राजनीतिक हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, जो बाजार में अस्थिरता बनाए रख सकता है। सीधे शब्दों में कहें तो — बाजार में Volatility अभी खत्म नहीं हुई है।


सोना-चांदी और कच्चा तेल भी उछला

शेयर बाजार के साथ-साथ कमोडिटी मार्केट में भी हलचल देखी गई। कच्चे तेल की कीमतों में करीब 3.5 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। सोने और चांदी की कीमतें भी शुरुआत में तेज हुईं, लेकिन थोड़ी देर बाद इनमें मामूली गिरावट आ गई। यानी कमोडिटी बाजार में भी उथल-पुथल का दौर जारी है।


निवेशकों के लिए क्या है संदेश?

मौजूदा हालात बताते हैं कि बाजार अभी वैश्विक घटनाओं के प्रति बेहद संवेदनशील है। एक अच्छी खबर से 1500 अंक ऊपर और एक बुरी खबर से उतने ही नीचे आ सकता है। ऐसे में अनुभवी निवेशक लंबी अवधि की रणनीति पर टिके रहने की सलाह दे रहे हैं, बजाय घबराकर जल्दबाजी में फैसले लेने के।

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