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शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 1000 अंक टूटा, निफ्टी 22,850 के नीचे; जानें गिरावट की 3 बड़ी वजहें

28 सित, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 1000 अंक टूटा, निफ्टी 22,850 के नीचे; जानें गिरावट की 3 बड़ी वजहें
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

मुंबई। शेयर बाजार में सोमवार को बिकवाली का दबाव देखने को मिल रहा है। सेंसेक्स करीब 1000 अंक यानी 1.30% नीचे 72,900 से नीचे कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी करीब 300 अंक यानी 1.30% गिरकर 22,850 के स्तर पर है।


बाजार में कमजोरी ऐसे समय आई है जब 25 सितंबर को खत्म हुए सप्ताह में लगातार सातवें हफ्ते गिरावट दर्ज हुई थी। सोमवार के कारोबार में बैंकिंग और FMCG शेयरों में ज्यादा बिकवाली दिखाई दे रही है।


बाजार पर तीन बड़े दबाव

1. अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी चिंता

अमेरिका और ईरान के बीच जल्द किसी समझौते की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है। इसके चलते भू-राजनीतिक तनाव बना हुआ है। रूस और यूक्रेन के बीच भी तनाव दोबारा बढ़ने से वैश्विक बाजारों पर दबाव बढ़ा है।


इन घटनाक्रमों के कारण निवेशकों के बीच अनिश्चितता बढ़ी है, जिसका असर शेयर बाजार के कारोबार पर दिखाई दे रहा है।


2. ब्रेंट क्रूड 107 डॉलर के करीब

कच्चे तेल की कीमतों में दोबारा तेजी बाजार के लिए एक बड़ी चिंता बन गई है। ब्रेंट क्रूड करीब 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है।


ईरान-अमेरिका तनाव और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बनी चिंता के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है।


महंगे कच्चे तेल का असर भारत के लिए कई मोर्चों पर पड़ सकता है। तेल आयात का खर्च बढ़ने के साथ महंगाई और रुपये पर दबाव बढ़ने की चिंता भी इससे जुड़ी है।


3. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेज बढ़ोतरी

अमेरिका में बॉन्ड पर मिलने वाला रिटर्न बढ़ने से भी निवेशकों का ध्यान प्रभावित हो रहा है। 10 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 5.11% तक पहुंच गई है, जो 2007 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।


बॉन्ड यील्ड को सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाले सालाना रिटर्न के तौर पर समझा जा सकता है। यह किसी एक संस्था या सरकार द्वारा सीधे तय नहीं होती, बल्कि बाजार में बॉन्ड की मांग और खरीद-बिक्री से प्रभावित होती है।


जब निवेशक बॉन्ड बेचते हैं तो उसकी कीमत कम होती है और यील्ड बढ़ जाती है।


फेड की ब्याज दर और महंगाई का भी असर

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर से जुड़ी नीतियां और महंगाई बॉन्ड यील्ड को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में शामिल हैं। अमेरिकी यील्ड बढ़ने पर डॉलर में निवेश की आकर्षकता बढ़ सकती है। इसका असर उभरते बाजारों पर पड़ सकता है, क्योंकि विदेशी निवेशक भारत जैसे बाजारों से पूंजी निकालकर अमेरिकी परिसंपत्तियों में निवेश कर सकते हैं।


पिछले सप्ताह भी गिरावट में बंद हुआ था बाजार

25 सितंबर को समाप्त सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार करीब 1% की गिरावट के साथ बंद हुआ था।

- निफ्टी: 206 अंक यानी 0.9% गिरकर 23,141 पर बंद हुआ।

- सेंसेक्स: 400 अंक यानी 0.5% टूटकर 73,896 पर बंद हुआ।


हालांकि, सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को शेयर बाजार में तेजी दर्ज की गई थी। इसके बावजूद पूरे सप्ताह का प्रदर्शन गिरावट में रहा।

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