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इस तरह से करे पवन पुत्र हनुमान की पूजा, दूर होंगे सभी कष्ट
01 फ़र, 2022 0 व्यूज 4 मिनट पढ़ाई
इस तरह से करे पवन पुत्र हनुमान की पूजा, दूर होंगे सभी कष्ट

इस तरह से करे पवन पुत्र हनुमान की पूजा, दूर होंगे सभी कष्ट

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डेस्क रिपोर्टर
आज मगंलवार है, ये दिन पवन पुत्र हनुमान को समर्पित है। भगवान हनुमान को कलयुग का प्रत्यक्ष देवता माना जाता हैं। भगवान राम के परम भक्त पवन पुत्र हनुमान को चिरंजीवी होने का वरदान मिला हुआ है। इसीलिए कहां जाता है कि, कलयुग में भक्तों का कष्ट हरने के लिए  बजरंगबली सदैव तत्पर रहते हैं। मगंलवार के  दिन हनुमान जी की पूजा पाठ की जाती है। कहां जाता है कि आज के दिन मन से पूजा करने के भगवान हनुमान अपने भक्तों का सारा कष्ट हर लेते हैं। इसके साथ ही उनकी सभी मनोकामना पूरी करती है।  मान्यता के अनुसार, जो भी भक्त पवन पुत्र हनुमान कि  मंगलवार को उपासना करता है। उसके बजरंगबाली सारे  कष्ट हर लेते हैं। तो चलिए जानते है कैसे करें बजरंगबली  की पूजा अर्चना।

स्कंद पुराण के मुताबिक, पवन पुत्र हनुमान का जन्म मंगलवार के दिन हुआ था।  यही कारण है कि मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा पाठ की जाती हैं, जिससे हनुमान जी प्रसन्न होते हैं। जो भी मनुष्य अपनी पूर्ण श्रद्धा और कठोर नियमों का पालन कर  हनुमान जी की पूजा अर्चना करता है, उस मनुष्य से हनुमान जी अत्यंत प्रसन्न होते हैं, और ऐसे व्यक्ति के परिवार और उसके ऊपर कभी विपदा नहीं आने देते। मंगल ग्रह का हनुमान जी को नियंत्रक माना जाता है। इस कारण से भी मंगलवार के दिन हनुमान जी कि पूजा करने का विधान है। इस दिन हनुमान चालीसा पढ़ने से और  सुंदरकांड का पाठ करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है। 

केसे करें हनुमान जी की पूजा 
पवन पुत्र हनुमान की पूजा-पाठ विधि में कठोर नियमों का पालन करना होता है। इसमें जो सबसे जरूरी और  पहला नियम पवित्रता है। हनुमान जी की पूजा में पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जाना होता हैं। हनुमान जी की पूजा करते समय तन और मन को साफ और शुद्ध रखना बेहद जरूरी हैं। हनुमान जी के मन्त्र ‘ऊॅं श्री हनुमंते नम:’ का जप कर आप हनुमान जी को प्रसन्न कर सकते हैं। बजरंगबली को  लाल रंग बेहद प्रिय है इसलिए मंगलवार के दिन आप लाल रंग के कपड़े पहने, इसे शुभ माना जाता है। इस दिन काले और सफेद रंग के कपड़े नहीं पहनना चाहिए। हनुमान जी भगवान राम के अनन्य भक्त हैं इसलिए जब भी आप हनुमान जी की पूजा करे तो उसके बाद आप भगवान श्री रामचन्द्र जी का ध्यान करे फिर कुछ देर ले लिए उनके  नाम का  जाप करें। आखिर में आरती करके   अपनी पूजा को पूरा करे।

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