शनिवार, 07 मार्च 2026
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माता सीता ने हनुमान जी को दी थी अष्ट सिद्धयां, जानिए सिद्धियों के बारें में
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माता सीता ने हनुमान जी को दी थी अष्ट सिद्धयां, जानिए सिद्धियों के बारें में
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डेस्क रिपोर्टर
हर संकट विपत्ति से मुक्ति दिलाने वाले पवनपुत्र हनुमान जी की पूजा मंगलवार और शनिवार को विशेष तौर पर की जाती है। कलयुग के रक्षक संकटमोचन हनुमान अपनें भक्तोें के दुःखों का नाश करते है। लेकिन क्या आप जानते है कि हनुमान जी के पास अष्ट सिद्धयां हैं जिसका जिक्र जब हम हनुमान चालीसा का पाठ करते है तब उसमें शामिल चौपाई ‘‘अष्ट  सिद्धि  नव निधि के दाता, अस बर दीन जानकी माता‘‘ की चौपाई गाई जाती है। जिसका अर्थ है कि हनुमान जी अष्ट सिद्धि मतलब की आठ सिद्धियों से संपन्न है। लेकिन यह अष्ट सिद्धियां आखिर कौन सी है? तो जानिए अष्ठ सिद्धियों के बारे में  

हनुमान जी की आठ सिद्धियां-
1. अणिमा - इस सिद्धि के द्वारा हनुमान जी अपने शरीर को छोटा बना सकते है। इस सिद्वि के उपयोग से हनुमान जी लंका पहुंचे थे, और माता सीता का पता लगाया था।
2. महिमा - हनुमान जी ने इस सिद्धि का उपयोग करके अपने शरीर का विशाल स्वरूप बनाया था। पहली बार समुद्री राक्षस सुरसा के सामने दुसरी बार अशोक वाटिका में माता सीता के सामने।
3. लघिमा - यह सिद्धि के जरिए बजरंबली खुद का वजन हल्का कर लेतें हैं। 
4. गरिमा - इस सिद्धि से हनुमान जी खुद का वजन विशाल पर्वत के समान कर लेते है।
5. प्राप्ति - हनुमान जी इस सिद्धि की मदद से किसी भी वस्तु को तुरंत प्राप्त कर लेते है, साथ ही पशु-पक्षियों की भाषा को समझ लेते है।
6. प्राकाम्य - इस सिद्धि के द्वारा पवनपुत्र हनुमान पाताल की गहराईयों और आसमान में उड़ सकते। इस सिद्धि से हनुमान जी अनंतकाल तक युवा रहेंगे और किसी भी देह को धारण कर सकते हैं।
7. ईशित्व - इस सिद्धि से हनुमान जी महाराज को दैवीय शक्तियां प्राप्त हुई है। किसी मृत प्राणी को इस सिद्वि से जीवित किया जा सकता है।
8. वशित्व - वशित्व सिद्धि से हनुमान जी किसी भी प्राणी को भी अपने वश में कर लेते है। वश में आने के बाद प्राणी उनकी इच्छानुसार कार्य करता हैं।

रूद्र के ग्यारहवें अवतार है हनुमान - 
हनुमान जी शास्त्रों के मुताबिक रूद्र याने की भगवान शिव का ग्याहरवां अवतार बाताया गया है। जिनमें अपार,शक्ति,बल,साहस और बुद्धि से परिपूर्ण है। कहा जाता है कि माता सीता ने बजरंगबली से प्रसन्न होकर उन्हें यह सिद्वियां दी थी। जो भक्त हनुमान जी को सच्चे मन से श्रद्वाभाव के साथ पूजन करता है तो वह इन सिद्धियां को प्राप्त कर सकता है।
 
 
 
 
 
 

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