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डेस्क रिपोर्टर
भारत में फाल्गुन माह का मतलब उल्लास, उमंग और प्रेम से होता है। दुनियाभर में फाल्गुन माह में मथुरा और ब्रज की होली अपनी अनोखी प्रेम, छटाऔर परंपराओं के लिए जानी जाती है। वहीं बरसाना की लट्ठमार होली इसमें चार चांद लगा देती है। हर साल बरसाना की लट्ठमार होली फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को खेली जाती है। वहीं नंदगांव की लट्ठमार होली अगली तिथि यानी फाल्गुन शुक्ल दशमी को खेली जाती है। लट्ठमार होली के दिन गोपिंया हुरयारों का रंग गुलाल और लट्ठ से स्वागत करती हैं। जो एक बार यहां की होली के उत्सव में शामिल हो जाता है, उसे हमेशा के लिए ये क्षण याद रहते है। इस साल कि लट्ठमार होली आज मनाई जाएगी। तो आइए जानते हैं कि इसके बारे में।
लट्ठमार होली
इस साल की लट्ठमार होली आज यानी 11 मार्च दिन शुक्रवार को मनाई जाएगी। आज के दिन बरसाना में लट्ठमार होली खेली जाती हैं। वहीं अगले दिन यानी 12 मार्च, दिन शनिवार को नंदगांव में लट्ठमार होली का उत्सव बड़े ही धूम धाम से मनाया जाएगा। वही होली निमंत्रण बरसाना के लाडली जी के मंदिर से नंदगांव के नंदमहल जाएगा और शाम को वहां से पांडा निमंत्रण स्वीकृति का संदेशा लेकर आएगा। जिसके बाद लाडली जी के मंदिर में लड्डू कि होली खेली जाएगी।
लड्डू होली खेलने के अगले दिन बरसाना के होली खेलने के लिए नंदगांव के हुरयारे सजधज करके बरसाना जाएंगे। जहां गोपियां उनका स्वागत रंग, गुलाल और लट्ठ से करती हैं। लट्ठमार होली राधाजी और भगवान श्रीकृष्ण के प्रेम और लीलाओं का ही एक अहम हिस्सा है। जो द्वापर युग से अब तक चला आ रहा है।
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