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डेस्क रिपोर्टर
कल से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है। नवरात्रि के यह 9 दिन माता दुर्गा की पूजा पाठ के लिए सबसे शुभ दिन होता है। वहीं अगर आप माता की भगवती सच्चे मन से कर के उनकी पूजा और आराधना करे तो भी सुख समृद्धि और मां दुर्गा का आशीर्वाद अपको प्राप्त हो सकता है। फिर भी कई लोग मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए तरह तरह के उपाएं करते रहते है। नवरात्रि के ये 9 दिन वास्तु के हिसाब से भी बहुत अहम माने जाते हैं। आज हम आपको वास्तु शास्त्र के कुछ टिप्स बताएंगे।
वास्तु शास्त्र के उपाएं
नवरात्रों के वक्त घट स्थापना के समय कलश को ईशान कोण अर्थात उत्तर पूर्व की ओर स्थापित करें। वास्तु शास्त्र के मुताबिक, ईशान कोण पूजा पाठ के लिए सबसे शुद्ध और उत्तम दिशा मानी जाती है। अगर आप इस तरह से घट स्थापना करेंगे तो आपके घर में सुख समृद्धि आएगी।
नवरात्रों के समय, आप अपने घर के मुख्य दरवाजे पर माता लक्ष्मी के चरण घर के अंदर की ओर आते हुए कुमकुम से बनाएं। ऐसा करने से माता लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहेगी। साथ ही आपके घर में धन वैभव की कभी भी कमी नहीं होगी।
अगर आप नवरात्रों में मां दुर्गा के लिए अखंड ज्योत प्रज्वलित करते हैं तो वास्तु शास्त्र के मुताबिक, इस ज्योत को आग्नेय दिशा यानी दक्षिण पूर्व दिशा की ओर रखें। वास्तु शास्त्र के मुताबिक, इससे घर के सभी दोष खत्म होते हैं। इसके साथ ही घर के सदस्यों की बीमारियां भी ठीक रहती हैं।
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