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डेस्क रिपोर्टर
आज से चैत्र नवरात्रि शुरू हो रही है, जो 11 अप्रैल तक रहेगी। चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरुपों की पूजा पाठ होती है। पूजा के वक्त अगर आप नवदुर्गा के बीज मंत्रों का जाप करेंगे तो आपके लिए ये मंत्र कल्याणकारी हो सकते है। इन मंत्रों के जाप से नवदुर्गा प्रसन्न होती है साथ ही आपकी मनोकामनाओं को भी पूरा करेंगी। नवदुर्गा मां दुर्गा की नौ अवतार होते हैं, जिनमें मां शैलपुत्री, मां चंद्रघंटा, मां ब्रह्मचारिणी, मां कूष्मांडा, मां कात्यायनी, मां स्कंदमाता, मां कालरात्रि, मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री हैं। मां दुर्गा ने ये नौ स्वरुप अलग अलग उद्दश्यों की पूर्ति करने के लिए धारण किए थे। तो।चलिए जानते हैं मां दुर्गा के 9 स्वरुपों के मंत्रों के बारे में।
क्या है नवदुर्गा बीज मंत्र
मां शैलपुत्री बीज मंत्र
ह्रीं शिवायै नम:
मां ब्रह्मचारिणी बीज मंत्र
ह्रीं श्री अम्बिकायै नम:
मां चंद्रघंटा बीज मंत्र
ऐं श्रीं शक्तयै नम:
मां कूष्मांडा बीज मंत्र
ऐं ह्री देव्यै नम:
मां स्कंदमाता बीज मंत्र
ह्रीं क्लीं स्वमिन्यै नम:
मां कात्यायनी बीज मंत्र
क्लीं श्री त्रिनेत्रायै नम:
मां कालरात्रि बीज मंत्र
क्लीं ऐं श्री कालिकायै नम:।
मां महागौरी बीज मंत्र
श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम:
मां सिद्धिदात्री बीज मंत्र
ह्रीं क्लीं ऐं सिद्धये नम:
नवदुर्गा के स्तुति मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु मां शैलपुत्री रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
या देवी सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
या देवी सर्वभूतेषु मां चन्द्रघण्टा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
या देवी सर्वभूतेषु मां कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
या देवी सर्वभूतेषु मां स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
या देवी सर्वभूतेषु मां कात्यायनी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
या देवी सर्वभूतेषु मां कालरात्रि रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
या देवी सर्वभूतेषु मां महागौरी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
या देवी सर्वभूतेषु मां सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
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