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डेस्क रिपोर्टर
कल से चैत्र नवरात्रि शुरू हो रही है ऐसे में आप श्रीदुर्गासप्तशती का पाठ करें। इसे बहुत ही लाभदायक और कल्याणकारी माना जाता है। इसमें मां दुर्गा को प्रसन्न करने से लेकर तरह तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए सिद्ध मंत्र बताएं गए हैं। आप सच्चे मन से मां दुर्गा का स्मरण करें और जो भी मनोकामना है उसकी पूर्ति के लिए इन मंत्र का विशेष रूप से जाप करें। इन मंत्र की मदद से आप अपने कार्य की सिद्धि कर सकते हैं। ध्यान रखे की मंत्र जाप के वक्त आपके शब्दों का उच्चारण शुद्ध होना चाहिए। अगर आप स्वयं मंत्र का जाप करने में सक्षम नहीं हैं, तो किसी योग्य पंडित या फिर ज्योतिषाचार्य की मदद ले। इन मंत्रों के जाप से आरोग्य, धन, सुख, सुरक्षा, सौभाग्य आदि की प्राप्ति कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं श्रीदुर्गासप्तशती के प्रभावशाली मंत्रों के बारे में।
श्रीदुर्गासप्तशती के मंत्र
स्वर्ग और मोक्ष का मंत्र
सर्वभूता यदा देवी स्वर्गमुक्तिप्रदायिनी।
त्वं स्तुता स्तुतये का वा भवन्तु परमोक्तय:।
संकट मुक्ति एवं शुभता का मंत्र
करोतु सा न: शुभहेतुरीश्वरी
शुभानि भद्राण्यभिहन्तु चापद:।
आरोग्य एवं सौभाग्य का मंत्र
देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।
शक्ति का मंत्र
सृष्टिस्थितिविनाशानां शक्तिभूते सनातनि।
गुणाश्रये गुणमये नारायणि नमोस्तु ते।।
हर तरह के कल्याण का मंत्र
सर्वमंगलमांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोस्तु ते।।
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