शनिवार, 07 मार्च 2026
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जानें ईसा मसीह की जन्म कथा, जन्म से पहले स्वर्ग से आया था संदेश!
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जानें ईसा मसीह की जन्म कथा, जन्म से पहले स्वर्ग से आया था संदेश!

जानें ईसा मसीह की जन्म कथा, जन्म से पहले स्वर्ग से आया था संदेश!

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डेस्क रिपोर्टर
हर साल क्रिसमस का त्योहार 25 दिसंबर को बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है।​ क्रिसमस के दिन देश और दुनियाभर के चर्च में विशेष रूप से लोग प्रार्थना करने जाते है। इस दिन प्रभु यीशु का जन्म हुआ था, जिसे क्रिसमस के त्योहार के रूप में मनाया जाता हैं। इस दिन दुनियाभर में फैले ईसाई समुदाय के लोग एक दूसरे को शुभकामनाएं और बधाई देते हैं और उनके बेहतर भविष्य की कामना भी करते हैं। क्रिसमस के अवसर पर आज हम आपको बताएंगे प्रभु यीशु के जन्म की कथा। प्रभी यीशु के जन्म कि बहुत सारी कहानियां है। तो चलिए जानते हैं कि, प्रभु यीशु का जन्म कैसे हुआ था।  

 
कहां जाता है कि, ईश्वर ने स्वर्ग से अपने दूत ग्रैबियल   को एक लड़की मरियम के पास प्रभु यीशु के जन्म से पहले भेजा था। इस दूत ने मरियम को बताया था कि वह ईश्वर पुत्र की मां बनने जा रही है। यह सुनकर मरियम आश्चर्य चकित हो गई। गलीलीया प्रांत के नाजरथ गांव की रहने वाली मरियम को कुछ समझ नही आ रहा था। मरियम कि सगाई दाऊद के राजवंशी युसुफ नामक एक व्यक्ति से हुई थी, राजवंशी युसुफ  पेशे से एक बढ़ई थे।

 
ईश्वर कि कृपा से मरियम शादी से पूर्व ही गर्भवती हो गई थी। जब यह बात युसुफ को पता चली तो वे दुविधा में पड़ गए। पर कहां जाता है कि, जब युसुफ को ईश्वर के संकेत मिले तो उन्होंने मरियम से विवाह कर लिया। जिसके बाद दोनों बेथलेहम में रहने लगे। यही पर प्रभु यीशु मसीह का जन्म भी हुआ। 

 
 
इसके साथ ही, प्रभु यीशु के जन्म के बारे में कहां जाता है की, जब मरियम गर्भवती थीं, तब रोम के सम्राट आगस्टस ने जनगणना का आदेश जारी कर दिया था। इस आदेश के अनुसार सभी नागरिकों को बेथलेहम जाकर जनगणना में शामिल होना था। इसी के चलते मरियम और युसुफ नाजरथ से बेथलेहम गए। वहां उन्हें कहीं रहने की जगह नहीं मिली,  जिसके बाद दोनों ने  एक अस्तबल में शरण ली। जहां देर रात प्रभु यीशु का जन्म हुआ।

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