
भोपाल। हर वर्ष की तरह इस बार भी देवउठनी ग्यारस उत्साह और उल्लास के साथ मनाई जाएगी। कार्तिक शुक्ल एकादशी मंगलवार के दिन 12 नवंबर को होगी। यह देवउठनी ग्यारस के नाम से भी जानी जाती है। मां चामुंडा दरबार के पुजारी पंडित रामजीवन दुबे ने बताया कि इस दिन भगवान शालिगराम का तुलसी के साथ विवाह हुआ था। पूजा के बाद विवाह आदि मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे।
गुरु तारा पूर्व दिशा में उदित एवं शुक्र तारा पश्चिम दिशा में उदित रहेंगे। नवंबर और 15 दिसंबर तक विवाह के अच्छे मुहूर्त हैं। फिर करीब एक महीने बाद 16 जनवरी से विवाह होंगे, क्योंकि धनु संक्रांति में विवाह एक माह के लिए अवरुद्ध होंगे। इसके बाद 16 जुलाई से मकर संक्रांति उत्तरायण सूर्य होने से विवाह फिर से शुरू होंगे। इस बार मार्च में विवाह के मुहूर्त कम हैं। एक, दो और छह मार्च को ही विवाह होंगे। होलाष्टक शुरू होने से मीन की संक्रांति खरमास में विवाह मुहूर्त अवरुद्ध होंगे।
मांगलिक कार्यों के लिए यह रहेगी शुभ तिथि
नवंबर : 16 ,17, 18, 22 से 26 नवंबर तक विवाह होंगे
दिसंबर : 2, 3 ,4, 5, 9, 10 ,11, 13, 14, 15
जनवरी : 16 से 22, 24, 26, 27
फरवरी : 2, 3 ,7, 8, 12, 13, 14, 15, 16, 19, 21, 22, 23, 25
मार्च : 1, 2, 6
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