हिन्दू कैलेंडर के हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी का व्रत आता है। 17 फरवरी दिन गुरुवार से फाल्गुन का महीना शुरू होने जा रहा है। इसके व्रत के बाद संकष्टी चतुर्थी का व्रत आएगा। इस दिन श्री गणेश की पूजा करने और व्रत रखने का विधान है। संकष्टी चतुर्थी में चंद्रमा की पूजा भी की जाती है, इनकी पूजा करने के बाद ही यह व्रत पूरा होता है। कहीं विनायक चतुर्थी में चंद्रमा का दर्शन वर्जित बताया गया है। तो चालिए जानते हैं कि, फाल्गुन महीने की संकष्टी चतुर्थी पड़ने वाली है…
जाने संकष्टी चतुर्थी कि तिथि और मुहूर्त
पंचांग के मुताबिक, फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का प्रारंभ 19 फरवरी दिन शनिवार को रात 9 बजकर 56 मिनट पर शुरू हो रही है। वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 20 फरवरी दिन रविवार को रात 9 बजकर 05 मिनट पर होगा। ऐसे में संकष्टी चतुर्थी व्रत 20 फरवरी को पड़ेगा।
संकष्टी चतुर्थी है सर्वार्थ सिद्धि योग में है
फाल्गुन संकष्टी चतुर्थी का व्रत अमृत सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग में है। यह 20 फरवरी को सुबह 06 बजकर 55 मिनट से सर्वार्थ सिद्धि योग में शुरू हो रहा है, जो शाम को 04 बजकर 42 मिनट तक चलेगा। इसी समय अमृत सिद्धि योग भी बना हुआ होगा। वहीं 20 फरवरी को दिन का शुभ मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 12 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 58 मिनट तक रहेगा।
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