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डेस्क रिपोर्टर
आज शनिवार है यानी शनि देव का दिन, शनि देव को न्याय के देवता बोला जाता हैं। शनि देव बिना किसी भेद-भाव के मनुष्य को उनके कर्म के हिसाब से फल देते है। हर मनुष्य के जीवन में शनि की दशा ज़रूर रहती है। हर 30 साल में शनि देव अलग-अलग राशियों में जा कर वापस उसी राशि में आ जाते हैं, जहां से वे चले थे। जब भी किसी राशि में शनि की साढ़े साती शुरु होती है तो उस वक्त शनि देव पिछले 30 सालों में मनुष्य के द्वारा किए हुए कर्मों के अनुसार उसे फल देते है। ऐसा नही है कि शनि देव सिर्फ दण्ड ही देते हैं। अगर किसी मनुष्य के कर्म अच्छे होते है तो शनि देव की कृपा से वह मनुष्य जीवन की ऊंचाइयों को छूता है। पर अगर किसी व्यक्ति के कर्म खराब होते है, तो तब शनि देव की ढैय्या या साढ़े साती के दौरान उसे बहुत कठोर संघर्ष करना पड़ता है।कई बार तो आर्थिक, शारीरिक। और मानसिक समस्याओं से भी गुजरना पड़ता है।
ज्योतिष शास्त्रों और धर्म शास्त्रों में कुछ उपाए बताए गए हैं, जिन्हें कर के आप शनि देव के प्रतिकूल प्रभाव और आने वाली परेशानियों को दूर कर सकते है। वहीं विद्वानों द्वारा जो उपाय बताए जाते हैं वे बहुत खर्चीले होते हैं। जिसमें सामान्य व्यक्ति को करने में दिक्कत होती है। पर ज्योतिष शास्त्र में कुछ ऐसे उपाय बताए गए हैं। जिनको करने में बिलकुल पैसा खर्च नहीं होता है। तो आइए जानते हैं इन उपाएं के बारे में..
हर शनिवार के दिन आप महाराज दशरथ द्वारा लिखा गया दशरथ स्तोत्र का कम से कम 11 बार पाठ करें, ऐसा करने से शनि देव की कृपा आप पर बनी रहेगी।
मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर में तिल के तेल का दिया लगाने से शनि देव के कष्टों से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही भगवान हनुमान अपने भक्तों पर किसी प्रकार का कष्ट नहीं आने देते।
हर शनिवार को आप जल में शक्कर और काला तिल मिलाकर पीपल की जड़ों में अर्पित करें, उसके बाद तीन परिक्रमा लगाएं। ऐसा करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं।
ज्योतिष में बताएं गए शनि वैदिक मंत्र का जप करने से भी आप पर शनि देव की कृपा बनी रहती है।
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