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डेस्क रिपोर्टर
अंग्रेजी कैलेंडर का तीसरे महीना यानी मार्च का तीसरा हफ्ता, सोमवार 14 मार्च से शुरु हो रहा है। यह हफ्ता 14 मार्च से लेकर 20 मार्च तक है। मार्च के तीसरे हफ्ते में रंगभरी एकादशी, आमलकी एकादशी, प्रदोष व्रत, होलिका दहन, फाल्गुन पूर्णिमा, फाल्गुन पूर्णिमा, चैतन्य महाप्रभु जयंती, होलाष्टक समापन, होली, गणगौर जैसे प्रमुख व्रत और त्योहार पड़ रहे हैं। आइए जानते हैं कि आमलकी एकादशीये, रंगभरी एकादशी और मीन संक्रांति, प्रदोष व्रत कब हैं। 14 मार्च दिन सोमवार को आमलकी एकादशी, रंगभरी एकादशी है।
आमलकी एकादशी
आमलकी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा पाठ की जाती है। यह पूजा आंवले के पेड़ के नीचे बैठ कर करने की परंपरा है। इस व्रत के वक्त में आंवला भी खाया जाता है। इस व्रत को करने से स्वर्ग की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही मृत्यु के बाद मोक्ष भी मिलता है।
रंगभरी एकादशी
फाल्गुन शुक्ल एकादशी को रंगभरी एकादशी के रूप में मनाया जाता हैं।इस दिन भोलेनाथ और माता पार्वती की पूजा अर्चना की जाती हैं। इसके साथ ही उनको रंग गुलाल भी चढ़ाया जाता हैं। काशी में इस दिन बाबा विश्वनाथ और माता पार्वती की विशेष रूप से पूजा होती है और उनकी सवारी भी निकाली जाती है। इस साल रंगभरी एकादशी 14 मार्च को मनाई जाएगी।
मीन संक्रांति
15 मार्च को सूर्य कुंभ राशि से मीन राशि में प्रवेश होगा। सूर्य का यह राशि परिवर्तन है। सूर्य के राशि परिवर्तन करने से 12 राशियों पर इसका प्रभाव पड़ेगा।
प्रदोष व्रत
मार्च का पहला प्रदोष व्रत 15 मार्च को पड़ेगा। 15 मार्च को मंगलवार का दिन है, इसलिए यह भौम प्रदोष व्रत होगा। इस दिन आप भोलेनाथ की पूजा कर आरोग्य प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही रोग और कष्ट से भी छुटकारा मिलेगा।
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