
सनातन धर्म में न केवल देवी-देवता बल्कि ग्रहों की भी उपासना की जाती है। इन सब में शनि देव न्याय के देवता के रूप में पूजा जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनि देव की उपासना करने से जीवन में आ रही कई प्रकार की समस्याएं दूर हो जाती है। अंग्रेजी कैलेंडर में शनिवार का दिन शनि देव की उपासना के लिए समर्पित है। इस विशेष दिन पर शनि देव की उपासना करने से कई प्रकार के रुके हुए कार्य पूरे होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। साथ ही इस विशेष दिन पर कुछ खास उपाय और विधि का पालन करने से लाभ प्राप्त होता है।
शनिवार के दिन करें ये उपाय
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनिवार के दिन पीपल के पेड़ की उपासना करें और जल अर्पित करें। साथ ही संध्या काल में तेल का दीपक जरूर जलाएं। इससे शनि देव प्रसन्न होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
शनिवार के दिन शनि देव से संबंधित चीजों का दान करने से भी विशेष लाभ मिलता है। इस दिन काला तिल, छाता, सरसों का तेल, काली उड़द की दाल इत्यादि का दान करने से लाभ मिलता है और जीवन में आ रही समस्याएं कम होती है।
जिन लोगों की कुंडली में शनि की कुदृष्टि, साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव पड़ रहा है, उन्हें शनिवार का व्रत जरूर रखना चाहिए। साथ ही जरूरतमंद लोगों की सहायता करनी चाहिए। इससे शनि ग्रह का अशुभ प्रभाव कम होता है।
शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए हनुमान जी की उपासना का भी विशेष महत्व है। इसलिए शनिवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें और हो सके तो सुंदरकांड का पाठ जरूर करें। इससे शनिदेव प्रसन्न होते हैं।
ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए भगवान शिव की उपासना को भी बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि भगवान शिव सभी काल के अधिपति हैं और इनकी उपासना करने से सभी प्रकार के ग्रह दोष दूर हो जाते हैं। इसलिए शनि ग्रह के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए शनिवार के दिन भगवान शिव की उपासना जरूर करें।
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