हिंदू धर्म में वास्तुशास्त्र का अपना अलग ही एक स्थान है। इसका हमारे दैनिक जीवन की गतिविधियों और हमारे घर में रखी हुई वस्तुओं से सीधा संबंध होता है। कई बार हम घर के अंदर कुछ चीजें अनजाने में कर जाते है, पर वो वास्तु दोष को बढ़ा देता है। इन्हीं वास्तु दोषों की वजह से व्यक्ति की उन्नति नहीं होती। उसका विकास थम जाता है। घर में शांति की जगह कलह और लड़ाई-झगड़े आ जाते है। नौकरी में दिक्कत आने लगती हैं, बिजनेस में कमी आने लगती है। ऐसे में आपको कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। जिससे कि आपके घर में वास्तु दोष न हो और आपकी तरक्की में किसी भी प्रकार की परेशानियां न आए। तो तो आइए जानते हैं इन बातों के बारे में।
अगर आपके घर में किसी भी देवी या देवता की मूर्ति खंडित रखी हुई है तो उसे तुरंत घर से हटा दें। खंडित मूर्ति रखना और उनकी पूजा करना, दोनों ही वास्तु दोष होता है।
अगर आपके परिवार के किसी सदस्य की कलाई घड़ी खराब हो गई है या रूक गई है और काफी वक्त से बंद है, तो उसे तुरंत हटा दें। यदि वो मरम्मत होने से ठीक हो सकती है तो उसे ठीक करवा लें नही तो उसे हटा दें वास्तुशास्त्र में घड़ी को प्रगति का सूचक माना गया हैं। बंद घड़ी आपके परिवार के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है।
घर के अंदर की उत्तर-पश्चिम दिशा यानी वायव्य कोण को सही से रखिए। यह परिवार कि शक्ति और सेहत से जुड़ा होता है। अगर ये खरब होता है तो इससे शत्रुता बढ़ती है।
आप अपने घर या बगीचे में कैकटस या फिर कटीले पेड़-पौधे नही लगाएं। वास्तुशास्त्र में इस तरह के पेड़ पौधों को वर्जित माना गया है। इन्हें नकारात्मकता का प्रतीक मानते हैं।
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