शनिवार, 07 मार्च 2026
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इस हनुमान जयंती पर रहेगा दुर्लभ संयोग, राशियों के अनुसार करें पूजा, मिलेगा लाभ
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इस हनुमान जयंती पर रहेगा दुर्लभ संयोग, राशियों के अनुसार करें पूजा, मिलेगा लाभ

इस हनुमान जयंती पर रहेगा दुर्लभ संयोग, राशियों के अनुसार करें पूजा, मिलेगा लाभ

News World Desk
डेस्क रिपोर्टर
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हनुमान जयंती पर एक बार दुर्लभ संयोग बन रहा है। कलयुग के साक्षात देवता श्री पवन पुत्र हनुमान जी का प्रकटउत्सव 16 अप्रैल को आस्था व उत्साह के साथ मनाया जाएगा। हनुमान जयंती शनिवार को होने के कारण शनिदेव की भी पूजा की जाएगी। कोरोना के 2 साल बाद इस बार हनुमान जयंती मनाने के लिए मंदिरों में भव्य तैयारियां की जा रही है। कई धार्मिक संगठनों ने जयंती पर घर-घर से भगवा ध्वज लाकर मंदिरों में लगाने की अपील की है। 


पंडित रामजीवन दुबे गुरुजी के मुताबिक चैत्र मास स्नान दान व्रत पूर्णिमा शनिवार 16 अप्रैल को राम भक्त हनुमान का प्रकट उत्सव के शुभ योग के बीच मनाया जाएगा। हनुमान जी की पूजा के विशेष दिन मंगलवार और शनिवार होता है। संयोगवश इस दिन शनिवार है। इस दिन हर्षण और रवि योग भी रहेगा। बजरंगबली का जन्म चित्रा नक्षत्र में हुआ था। इस दिन सुबह हस्त नक्षत्र सुबह 8:38 तक रहेगा, इसके बाद चैत्र नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा जो अगले दिन सुबह 8:05 तक रहेगा। 

पवन पुत्र के जन्म समय जैसे कई शुभ योग इस बार भी रहेंगे, जो इस दिन की शुभदा में वृद्धिकारक होंगे। प्रकटउत्सव पर की गई हनुमान आराधना विशेष फलदाई रहेगी। माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव ने पवन पुत्र हनुमान के रूप में जन्म लिया था। हनुमान जी भगवान शिव के ग्यारहवें अवतार हैं। हनुमान जयंती पर हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, रामायण के साथ-साथ बजरंग बाण का पाठ करें। अंत में विधिवत तरीके से स्तुति के साथ आरती करें। श्री हनुमान चालीसा का 7 बार पाठ कर के सात परिक्रमा करने से मनोकामना पूरी होती है।

राशियों के अनुसार पूजा और भोग
  1. मेष : लाल पुष्प और सिंदूर चढ़ाएं। बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।
  2. वृषभ : तुलसी पत्ता व फल चढ़ाए। सफेद और लाल पुष्प से पूजा करें।
  3. मिथुन : पीले रंग की मिठाई लाल व पीले पुष्प चढ़ाएं।
  4. कर्क : हलवे का भोग लगाएं, हनुमान जी को सिंदूर व इत्र लगाएं।
  5. सिंह : लाल पुष्प और लाल रंग की मिठाई का भोग लगाएं।
  6. कन्या : हनुमान प्रतिमा पर सिंदूर लगाकर चांदी का वर्क लगाएं।
  7. तुला : बूटी व मगद के लड्डू व जनेऊ चढ़ाएं।
  8. वृश्चिक : चोला चढ़ाकर चना चिरौंजी पेड़े का भोग लगाएं।
  9. धनु : तुलसी के बीज जनेऊ और पीले पुष्प चढ़ाकर पूजा करें।
  10. मकर : शुद्ध घी का दीपक जलाकर आरती करें।
  11. कुंभ : लाई चने का भोग लगाएं और सुंदरकांड पाठ करें।
  12. मीन : लोंग, इलाइची, बादाम और मिश्री का भोग लगाकर पूजन करें।

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