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भारतीय रेलवे ने बदला नियम, अब 4 महीने की बजाय 2 महीने पहले तक करा सकेंगे अग्रिम आरक्षण
17 अक्टू, 2024 0 व्यूज 4 मिनट पढ़ाई
रेलवे नियमों में बदलाव

रेलवे नियमों में बदलाव

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डेस्क रिपोर्टर

 भोपाल : रेल यात्रियों की सुविधा हेतु भारतीय रेल ने अग्रिम आरक्षण अवधि में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। पूर्व में यह अवधि 120 दिनों की थी, जिसे अब घटाकर 60 दिन (यात्रा की तिथि को छोड़कर) कर दिया गया है। यह नया नियम 01 नवंबर 2024 से लागू होगा। इस बदलाव के अनुसार, यात्री अब यात्रा की तिथि से 60 दिन पूर्व तक ही टिकटों का आरक्षण करा सकेंगे। हालांकि, 31 अक्टूबर 2024 तक की बुकिंग पूर्ववत 120 दिनों की अग्रिम अवधि के अंतर्गत ही की जाएगी। 

अग्रिम आरक्षण के नए निमय :

1. नया नियम: 01 नवंबर 2024 से आरक्षित टिकटों के लिए अग्रिम आरक्षण अवधि 120 दिन से घटाकर 60 दिन की जा रही है। 
2. पहले से बुक की गई टिकटें: जिन टिकटों की बुकिंग 120 दिन की अवधि के तहत पहले से हो चुकी है, उनमें कोई बदलाव नहीं होगा। 
3. विशेष ट्रेनों के लिए कोई बदलाव नहीं: कुछ दिन की समय सारिणी वाली एक्सप्रेस ट्रेनों जैसे ताज एक्सप्रेस, गोमती एक्सप्रेस इत्यादि में आरक्षण की पूर्व निर्धारित समय सीमा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। 
4. विदेशी पर्यटकों के लिए आरक्षण नियम: विदेशी पर्यटकों के लिए 365 दिनों की अग्रिम आरक्षण की समय सीमा यथावत रहेगी। 

60 दिनों की आरक्षण अवधि के लाभ

1. 120 दिनों की अवधि लंबी होने के कारण योजनाओं में बदलाव: यह अवधि अत्यधिक लंबी थी, जिसके कारण कई बार यात्रियों को अपनी योजनाओं में बदलाव करना पड़ता था, जिससे उच्च मात्रा में टिकटों की रद्दीकरण दर और सीटों/बर्थ का व्यर्थ होना होता था। 
2. वर्तमान में 21% तक टिकट रद्द किए जाते हैं और 4-5% यात्री सफर के लिए नहीं आते (नो-शो): नो-शो की स्थिति में कई बार यात्री अपने टिकट रद्द नहीं करते और यात्रा के लिए नहीं आते, जिससे धोखाधड़ी की संभावनाएं बढ़ जाती थी|
3. टिकटों की अवरुद्धता की संभावना कम: लंबी अवधि के कारण कुछ लोग टिकटों को अवरुद्ध कर लेते थे, जबकि 60 दिन की अवधि से वास्तविक यात्री अधिक संख्या में टिकट बुक करेंगे। 
4 सामान्य श्रेणी के टिकटों पर कोई प्रभाव नहीं: सामान्य श्रेणी के टिकट, जो आमतौर पर यात्रा से पहले खरीदे जाते हैं, पर इस बदलाव का कोई प्रभाव नहीं होगा। 
5. बेहतर मांग की दृश्यता: कम रद्दीकरण और नो-शो मामलों के कारण रेलवे को बेहतर ढंग से मांग का पूर्वानुमान मिलेगा, जिससे विशेष ट्रेनों की योजना समय से पहले बनाई जा सकेगी। 

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक  सौरभ कटारिया ने बताया कि यात्री नए नियम के तहत अपनी यात्रा की योजना बनाएँ और टिकट बुकिंग के लिए निर्धारित की गई अग्रिम आरक्षण अवधि का ध्यान रखें। 

एआरपी में कमी होने के साथ, यात्रियों को अब एक बार फिर अपनी यात्रा योजनाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी, जिससे वर्तमान 21 प्रतिशत रद्दीकरण दर में कमी आएगी। अग्रिम आरक्षण अवधि के इस महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय को पिछली बार 01 जनवरी, 2015 से 60 दिन से बढ़ाकर 120 दिन कर दिया गया था। इससे पहले, 1/9/1995 से 31/1/1998 तक यह अवधि 30 दिनों तक थी।

नई नीति का उद्देश्य यात्रियों द्वारा टिकट रद्दीकरण किए बिना यात्रा न करने की समस्या से निपटना है, जो अक्सर प्रतिरूपण और धोखाधड़ी का कारण बनता है। भारतीय रेलवे सभी यात्रियों से इस बदलाव के बारे में जानकार रहने का आग्रह करता है और अपनी यात्रा योजना सुनिश्चित करने के लिए संशोधित एआरपी के अंतर्गत शीघ्र बुकिंग करने के लिए प्रोत्साहित करता है। 60 दिन की बुकिंग अवधि होने से टिकट जमाखोरी में कमी आने की संभावना है, जिससे वास्तविक यात्रियों के लिए ज्यादा टिकट उपलब्ध हो सकेंगे।

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