
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में बीजेपी सरकार ने अपना पहला बजट पेश किया। सोमवार सुबह पारंपरिक "खीर" समारोह के साथ शुरू हुए पांच दिवसीय सत्र में यह बजट पेश किया गया। दिल्ली के लिए 2025-26 का बजट 1 लाख करोड़ रूपए का है, जो AAP सरकार के आखरी बजट से 31% अधिक है।
स्वास्थ्य और शिक्षा को प्राथमिकता
बीजेपी ने चुनाव प्रचार के दौरान किए गए वादों को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा पर खास ध्यान दिया है। AAP सरकार ने जहां संजीवनी योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों के लिए मुफ्त चिकित्सा सेवाओं की शुरुआत की थी, वहीं बीजेपी ने आयुष्मान भारत योजना को सशक्त बनाने पर जोर दिया है। शिक्षा क्षेत्र में भी कई सुधार किए जाएंगे और रसोई गैस सिलेंडर पर भी राहत दी जाएगी।
AAP सरकार के कार्यकाल पर जारी होगा "श्वेत पत्र"
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने AAP सरकार के कार्यकाल की पूरी समीक्षा करने के लिए एक "श्वेत पत्र" जारी करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि सरकार के सभी विभागों का आर्थिक सर्वेक्षण जल्द पेश किया जाएगा, हालांकि कुछ विभागों का ऑडिट अभी जारी है। 28 मार्च तक चलने वाले इस बजट सत्र में नई सरकार की योजनाओं और वित्तीय प्रबंधन को लेकर और भी खुलासे होने की संभावना है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए बड़ा कदम
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ने प्रदूषण रोकने के लिए 300 करोड़ रूपए का बजट रखा है, जबकि पर्यावरण और वन विभाग को 506 करोड़ रूपए आवंटित किए गए हैं।
MCD को 6,897 करोड़ रूपए की सहायता
दिल्ली सरकार ने नगर निगम (MCD) को 6,897 करोड़ रूपए देने की घोषणा की। इसमें से अधिकतर राशि सड़कों और सीवेज सिस्टम के पुनर्विकास पर खर्च की जाएगी।
महिलाओं के लिए "कॉमन बस पास", पिंक टिकट बंद
महिलाओं की मुफ्त यात्रा योजना को और पारदर्शी बनाने के लिए "कॉमन बस पास" जारी किया जाएगा। अब तक पिंक टिकट के तहत मुफ्त यात्रा दी जाती थी, लेकिन इसमें भ्रष्टाचार की शिकायतें थीं। इस नई व्यवस्था से महिलाएं पूरे शहर में मुफ्त बस यात्रा कर सकेंगी।
यमुना सफाई के लिए 500 करोड़ रूपए आवंटित
यमुना नदी की सफाई के लिए सरकार ने 500 करोड़ रूपए का बजट रखा है। योजना के तहत 40 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STPs) का विकेंद्रीकरण किया जाएगा, जिससे सिर्फ शुद्ध जल ही यमुना में जाएगा।
इसके अलावा:
500 करोड़ रूपए STPs की मरम्मत और अपग्रेडेशन के लिए रखे गए हैं।
250 करोड़ रूपए पुराने सीवर लाइनों को बदलने के लिए आवंटित किए गए हैं।
पीने के साफ पानी और स्वच्छता से जुड़ी परियोजनाओं के लिए 9,000 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
नए बजट से दिल्ली में बदलाव की उम्मीद
बीजेपी सरकार का यह पहला बजट AAP सरकार की नीतियों से काफी अलग है। जहां एक ओर बुनियादी ढांचे पर जोर दिया गया है, वहीं स्वास्थ्य और शिक्षा को भी केंद्र में रखा गया है। आने वाले दिनों में देखना होगा कि यह बजट दिल्ली की जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है।
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