शनिवार, 24 अक्टूबर 2026
Logo
Entertainment

एक महिला के शक्ति, संतुलन, समर्पण, त्याग की कहानी है -‘A Thousand Versions of Her’: शिवांगी

24 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
एक महिला के शक्ति, संतुलन, समर्पण, त्याग की कहानी है -‘A Thousand Versions of Her’: शिवांगी
News World Desk
डेस्क रिपोर्टर
News World Desk

एक महिला को अपने जीवन के रंगमंच पर कितने किरदार निभाने पड़ते हैं? कैसे वह खुद को हर किरदार में ढालती है? हर किरदार को निभाने के लिए एक महिला को कितना त्याग और बलिदान देना पड़ता है? यह सब करने के बाद उसके हिस्से आता क्या है? इसको नवोदित लेखिका शिवांगी जैन ने अपनी पुस्तक ‘‘A Thousand Versions of Her’ में मार्मिक तरीखे रेखांकित किया। पेश है नवोदित लेखिका शिवांगी जैन से न्यूज़ वर्ल्ड की विशेष बातचीत…


प्रश्न: आपकी पहली पुस्तक ‘A Thousand Versions of Her’ किस विषय पर आधारित है?

जवाब: इस पुस्तक के माध्यम से उन तमाम महिलाओं की ओर पाठकों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की गई है, जिनके त्याग पर किसी का ध्यान नहीं जाता, जिनकी ताकत को हल्के में लिया जाता है और जिनका दिल चुपचाप सबका बोझ उठाता रहता है…। वह महिला जो हर बात याद रखती है, सबकी ज़रूरतों का ध्यान रखती है और थकी होने के बावजूद मुस्कुराती रहती है। लेकिन क्या होता है, जब सबको संभालकर रखने वाली महिला खुद अंदर से टूटने लगती है?


प्रश्न: आपकी पहली पुस्तक के पीछे क्या प्रेरणा रही?

जवाब: बचपन से ही मुझे लिखने का बहुत शौक था। स्कूल के दिनों में मैं लिखना पसंद करती थी, लेकिन उस समय मुझे ऐसा मार्गदर्शन नहीं मिल पाया, जिससे मैं अपने इस शौक को आगे बढ़ा सकती। समय के साथ यह रुचि कहीं पीछे छूट गई। हाल ही में जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल, आगरा में आयोजित साहित्य उत्सव ने मेरे भीतर के उसी पुराने सपने को फिर से जीवंत कर दिया और मुझे अपनी पहली पुस्तक लिखने के लिए प्रेरित किया।


प्रश्न: साहित्य उत्सव ने आपकी लेखन यात्रा को किस तरह प्रभावित किया?

जवाब: यह मेरे लिए बेहद प्रेरणादायक अनुभव था। साहित्य उत्सव के दौरान प्रसिद्ध अभिनेता एवं लेखक अन्नू कपूर, पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, अभिनेता राजपाल यादव सहित अनेक प्रतिष्ठित लेखकों, कवियों, कवयित्रियों और शिक्षाविदों से मिलने का अवसर मिला। एक और बात जिसने मुझे बहुत प्रभावित किया, वह थी अपने ही स्कूल के बच्चों को लिखते और अपनी पुस्तकें प्रकाशित करवाते देखना। मुझे पता चला कि विद्यालय के 40 से अधिक बच्चे अपनी पुस्तकें प्रकाशित करवा चुके हैं। यह देखकर मुझे लगा कि जब बच्चे अपने सपनों को साकार कर सकते हैं, तो मुझे भी अपने बचपन के शौक को एक अवसर देना चाहिए।


प्रश्न: इस पुस्तक को लिखने में कितना समय लगा और किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा?

जवाब: इस पुस्तक को लिखने में मुझे लगभग एक वर्ष लगा। लेखन एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें धैर्य, निरंतरता और अपने विचारों के प्रति ईमानदारी जरूरी होती है। इस पूरी यात्रा में मुझे कई लोगों का मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिला। मेरे माता-पिता, भाई, पति, स्कूल के शिक्षकों और प्रबंधन ने मेरा भरपूर सहयोग किया। उनके समर्थन के बिना इस सपने को साकार करना इतना आसान नहीं होता।


प्रश्न: आपकी लेखन यात्रा में परिवार की क्या भूमिका रही?

जवाब: किसी भी सपने को पूरा करने में अपनों का विश्वास बहुत महत्वपूर्ण होता है। मेरे परिवार ने मुझे प्रोत्साहित किया और मेरे लेखन को आगे बढ़ाने में सहयोग दिया। वहीं, जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल, आगरा के साहित्यिक वातावरण ने मुझे अपने भीतर की रचनात्मकता को पहचानने का अवसर दिया। मैं विद्यालय के प्रो-वाइस चेयरमैन संजय अग्रवाल जी, प्रधानाचार्य पुनीत वशिष्ठ और विद्यालय की पूरी टीम की विशेष रूप से आभारी हूं। साहित्य उत्सव ने मुझे यह एहसास कराया कि सही वातावरण और प्रेरणा मिलने पर व्यक्ति अपने पुराने सपनों को भी नई शुरुआत दे सकता है।


प्रश्न: आज के डिजिटल युग में बच्चों की पढ़ने और लिखने की आदतों को आप किस रूप में देखती हैं?

जवाब: आज डिजिटल माध्यमों के बढ़ते प्रभाव के बीच बच्चों में पढ़ने और लिखने की आदत को प्रोत्साहित करना पहले से अधिक जरूरी हो गया है। साहित्य केवल किताबें पढ़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों को अपनी कल्पनाओं, विचारों और अनुभवों को अभिव्यक्त करने का अवसर देता है। यदि विद्यालय बच्चों को लेखन के लिए प्रेरित करें, उन्हें उचित मार्गदर्शन दें और उनकी पुस्तकों के प्रकाशन में सहयोग करें, तो यह बहुत सराहनीय पहल है। इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है, उनकी रचनात्मकता विकसित होती है और वे अपनी सोच को बेहतर ढंग से व्यक्त करना सीखते हैं।


प्रश्न: क्या आप भविष्य में भी लेखन जारी रखना चाहेंगी?

जवाब: बिल्कुल। मैं ‘A Thousand Versions of Her’ को अपनी साहित्यिक यात्रा की शुरुआत मानती हूं। इस पुस्तक को पूरा करने के बाद मेरे भीतर आगे और भी पुस्तकें लिखने की इच्छा जागी है। मैं भविष्य में भी लेखन जारी रखना चाहती हूं और अपने विचारों को पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करूंगी।


प्रश्न: अपनी पहली पुस्तक के प्रकाशन के बाद आप पाठकों को क्या संदेश देना चाहेंगी?

जवाब: मैं यही कहना चाहूंगी कि अपने शौक और सपनों को कभी पूरी तरह छोड़ना नहीं चाहिए। कई बार परिस्थितियों के कारण हम अपनी रुचियों को पीछे छोड़ देते हैं, लेकिन सही समय और प्रेरणा मिलने पर फिर से शुरुआत की जा सकती है। जरूरी है कि हम खुद पर विश्वास रखें और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रयास करते रहें। मैं साहित्य उत्सव में शामिल सभी प्रतिष्ठित लेखकों, कवियों, कवयित्रियों और शिक्षाविदों के प्रति भी आभार व्यक्त करती हूं, जिनकी उपस्थिति और विचारों ने साहित्य के प्रति लोगों की रुचि को प्रोत्साहित किया।


प्रश्न: आपकी पुस्तक पाठकों के लिए कहां उपलब्ध है?

जवाब: मेरी पहली पुस्तक ‘A Thousand Versions of Her’ अमेज़न, फ्लिपकार्ट और गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। मैं आशा करती हूं कि पाठकों को मेरी यह कोशिश पसंद आएगी और मुझे आगे भी लिखने के लिए उनका प्रोत्साहन मिलता रहेगा।


पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें