
दुर्गा पूजा पर मेरा नया गाना रिलीज हो रहा है। मैंने आरती अम्बे तू है जगदंबे काली को अपना टच देकर रिक्रिएट किया है। आज के माहौल को देखते हुए मैंने गाने से कुछ इश्यूज उठाए हैं। आशा है कि आपको पसंद आएगा। 2-4 दिन में मेरे चैनल पर वो गाना रिलीज होगा। नवरात्रि के मौके पर मैं बेटियों को यही संदेश दूंगी कि आप सभी में मां चंडी, मां काली का रूप है, तो कभी भी किसी से अपने आप को कम न समझें। आप हमेशा से सशक्त रही हैं। बस देरी है अपने अंदर की देवी की शक्ति पहचानने की।यह कहना है जो ‛ हर हर शंभु’ गीत से फेमस हुई सिंगर अभिलिप्सा पांडा का। वह भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में अपनी संगीतमय प्रस्तुति देने पहुंची थी। इस दौरान उन्होंने ‛न्यूज वर्ल्ड’ से खास बातचीत की।
महादेव की इच्छा के बिना कोई परिकल्पना सफल नहीं होती
महादेव की इच्छा के बिना कोई परिकल्पना सफल नहीं हो पाती है। हमने सोचा नहीं था कि लोगों को इतना पसंद आएंगा, लेकिन रिस्पॉस बहुत अच्छा आया। आज के युवाओं को वेस्टर्न कल्चर बहुत ज्यादा पसंद है। वह ट्रेडिशनल इंस्ट्रूमेंट को ज्यादा पसंद नहीं करते हंै। लेकिन हर हर शंभू गाने के पूरे ट्रेक में हार्मोनियम का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने बताया कि भजन को हमने वेस्टर्न फॉर्म में पेश किया है।
मेरी मां ही मेरी आइडल हैं
अभिलिप्सा कहती हैं कि मुझे आर्ट मेरी फैमिली से ही मिला है। मेरी लाइफ में मां मेरे लिए आइडल है, वह बहुत अच्छी क्लासिक डांसर भी हैं। साथ ही गीता दत्त और लता जी मेरी फेवरेट रहीं है, इसके अलावा सुनिधि चौहान को बहुत सुनती हूं।
‛हर हर शंभू’ गाने से मिली पहचान
अभिलिप्सा ने कहा कि लाइफ के हर एक मोमेंट में टर्निंग पॉइंट आता है,ऐसे ही हर हर शंभू गाना मेरे करियर का टर्निंग प्वाइंट था।मैं हमेशा चाहती थी कि लोग मुझे जाने पहचाने और यह सब इस गाने से संभव हुआ।साथ ही उन्होंने कहा कि बॉलीवुड में गाओ या कहीं और गाओ लेकिन जो भी गाओ दिल से गाओ, चाहे भजन हो फिल्मी गाना। आर्ट ही भगवान से कनेक्ट करता है, आप जिस भी आर्ट फार्म में है उसमें पूरी मेहतन से करे। लोग उन्हीं चीजों को रीमेक करते है जो उन्हें पसंद आता है।
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