शनिवार, 14 मार्च 2026
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कोई अगर रिमिक्स के नाम पर गाने को बर्बाद करते हैं तो इससे आत्मा दुखती है : समीर अंजान
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कोई अगर रिमिक्स के नाम पर गाने को बर्बाद करते हैं तो इससे आत्मा दुखती है : समीर अंजान

कोई अगर रिमिक्स के नाम पर गाने को बर्बाद करते हैं तो इससे आत्मा दुखती है : समीर अंजान

Deepak Singh
डेस्क रिपोर्टर
Deepak Singh

मेरे बहुत से गाने रिमिक्स हुए है। कोई भी व्यक्ति जिसका उस गाने से कोई लेना देना नहीं है, वो बीच में लाइन डाल रहा है। मेरा कहना है कि जब उस गाने का ओरिजनल राइटर अभी मौजूद है तो उसी से बदलाव करवा लो जिसे वो ही करें तो बेहतर है। अगर आप कोई चीज बेहतर करना चाहते हैं तो ठीक है लेकिन रिमिक्स के नाम पर अगर उसे बर्बाद करते हैं तो इससे हमारी आत्मा दुखती है। दरअसल अभी टेक्निकल मामला कुछ ऐसा फंसा है कि हम ये सारी चीजें रोकना चाहें तो भी रूक नहीं सकतीं। अब तो एआई भी आ गया है। हमने बस ये किया है कि हमारे लिखे हुए गाने की रॉयल्टी, उसका पैसा दूसरे को क्यों मिले? इसकी लड़ाई हमने लड़ी। इस तरह तय हुआ कि 50-50 रॉयल्टी शेयर करनी होगी। इस तरह चीजें हो रही है, जो समस्या भी हैं और कुछ हल भी देती हैं। वैसे गानों के रिमिक्स का एक सकारात्मक पहलू भी है, वो ये है कि नई पीढ़ी, जिन्होंने वो गाने कभी सुने नहीं हैं, वे भी रिमिक्स आने के बाद उन गानों को सुनने लगते हैं, पहचानने लगते हैं। यह कहना है चार दशक से लोगों के दिलों पर राज कर रहे और बॉलीवुड में सबसे ज्यादा गीत लिखकर ‛गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में अपना नाम दर्ज करवाने वाले मशहूर गीतकार समीर अंजान का। सोमवार को वह एलएनसीटी कॉलेज के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने भोपाल आए थे। इस दौरान ‛न्यूज़ वर्ल्ड’ से खास बातचीत में उन्होंने अपने अनुभव साझा किए।


हमारे दौर में पहले हमारा पोस्टर छपता था फिर फिल्म का

आज के जमाने में पोस्टर पर सिर्फ एक्टर, डायरेक्टर के नाम हैं। एनिमल जैसी फिल्म के पोस्टर से भी म्यूजिक डायरेक्टर, राइटर का नाम नहीं। ये चिंता का विषय है। हमारे दौर में तो पहले हमारा पोस्टर छपता था। नदीम श्रवण, समीर का पोस्टर लगता था, उसके बाद फिल्म का। इस चेंज को लेकर हमने आवाज उठाई है। हम इस पर रुके नहीं हैं। हमने एक कॉमन एग्रीमेंट बनाया है जिसको हर प्रोड्यूसर, डायरेक्टर को साइन करना पड़ेगा कि अब आप हमारा नाम पोस्टर, बैनर से हटाएंगे तो हम काम ही नहीं करेंगे। ये बदलाव बहुत जल्दी हो जाएगा और हम ये कर के ही मानेंगे।


आनंद मिलिंद ने दिया था मुझे पहले ब्रेक

40 साल के करियर में मैैंने कई म्यूजिक डायरेक्टर के साथ काम किया है, लेकिन आनंद मिलिंद और नदीम श्रवण की जोड़ी के साथ मेरा विशेष लगाव रहा है। आनंद मिलिंद तो मेरी फैमिली की तरह हैैं, क्योंकि उन्होंने ही मुझे पहला बड़ा ब्रेक दिया था। वहीं नदीम-श्रवण के साथ जिन फिल्मों में काम किया उनके गीत सुपरहिट हुुए। बाद में नदीम के साथ हादसा हुआ और फिर गुलशन कुमार के जाने से पूरी म्यूजिक इंडस्ट्री को ही झटका लग गया। यहां तक की मुझे भी फिर कभी उतने अच्छे गीत लिखने का मौका नहीं मिल सका।

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